व्यापमं घोटाला : ‘सॉल्वर’ और अभ्यर्थी को तीन-तीन साल की सजा

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व्यापमं घोटाला : ‘सॉल्वर’ और अभ्यर्थी को तीन-तीन साल की सजा

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  • Publish Date - August 12, 2026 / 08:22 PM IST,
    Updated On - August 12, 2026 / 08:22 PM IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) ग्वालियर की व्यापमं मामलों की एक विशेष अदालत ने गुना में आयोजित एक परीक्षा में परीक्षार्थी के स्थान पर दूसरे व्यक्ति द्वारा परीक्षा देने के मामले में ‘सॉल्वर’ और मूल अभ्यर्थी को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

परीक्षा में किसी अभ्यर्थी की जगह बैठकर उसके लिए परीक्षा देने वाले व्यक्ति को ‘सॉल्वर’ कहा जाता है।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के एक बयान के अनुसार, अदालत ने अमितेश और विपिन कुमार को तीन-तीन साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाने के साथ ही दोनों पर 5,000-5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।

बयान के अनुसार, मामला तब दर्ज किया गया जब गुना के सरकारी पीजी कॉलेज में परीक्षा केंद्र के निरीक्षक ने पाया कि विपिन कुमार के तौर पर परीक्षा दे रहे व्यक्ति का चेहरा रिकॉर्ड में दर्ज तस्वीर से मेल नहीं खाता। बयान के अनुसार, इसके बाद उसे परीक्षा कक्ष से पकड़ लिया गया।

बयान के अनुसार, प्रारंभिक सत्यापन के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी अमितेश के रूप में बताई और मूल अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद निवासी विपिन कुमार की जगह परीक्षा देने की बात कबूल की।

बयान में कहा गया है कि मूल प्राथमिकी नौ मार्च, 2014 को परीक्षा केंद्र के अधीक्षक की शिकायत पर गुना के कैंटोनमेंट थाने में दर्ज की गई थी।

दो रिट याचिकाओं में उच्चतम न्यायालय के दिए गए आदेश के बाद सीबीआई ने पांच अगस्त, 2015 को मामला फिर से दर्ज किया। जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने छह अक्टूबर, 2016 को ‘सॉल्वर’ बताए गए अमितेश और विपिन कुमार के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।

बयान के अनुसार, सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और उक्त सजा सुनाई।

भाषा अमित नरेश

नरेश