कोलकाता, 26 मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच झड़पें हुईं तथा स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास कर रहे कई पुलिसकर्मियों पर हमला भी किया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
एक अधिकारी ने बताया कि घटना के संबंध में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया और इलाके में छापेमारी जारी है।
दोनों पक्षों ने झड़प के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया, वहीं मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने पुलिस से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है।
बसंती बाजार इलाके की व्यस्त सड़क पर लाठी लिए लोगों द्वारा पीछा किए जाने के दौरान हुई झड़प में एक उपनिरीक्षक और तीन-चार कार्यकर्ताओं की पिटाई की गई। अधिकारी ने बताया कि उपनिरीक्षक सौरव गुहा को सिर में चोट आई और उन्हें टांके लगे हैं।
अधिकारी ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब बसंती (अनुसूचित जाति) विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार विकास सरदार 29 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के दूसरे व अंतिम चरण के लिए प्रचार कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि सड़क किनारे जमा हुए तृणमूल समर्थकों द्वारा प्रचार अभियान की वीडियो रिकॉर्डिंग पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर आपत्ति जताई, जिसके बाद तनाव बढ़ गया और तीखी बहस जल्द ही हाथापाई में बदल गई।
अधिकारी ने बताया, “पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए हस्तक्षेप किया। तभी स्थिति हिंसक हो गई तथा कुछ पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया।”
सरदार ने आरोप लगाया, “तृणमूल के गुंडों ने हमारे कार्यकर्ताओं पर बिना किसी उकसावे के हमला किया जबकि हम इलाके में शांतिपूर्ण ढंग से प्रचार कर रहे थे। पुलिस निष्क्रिय रही।”
तृणमूल नेताओं ने हालांकि भाजपा पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के संबंध में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
उन्होंने बताया, “स्थिति अब नियंत्रण में है और मामले की जांच जारी है।”
भाषा जितेंद्र नरेश
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