(फाइल फोटो के साथ)
कोलकाता, 25 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल के मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम की संपत्ति में पिछले पांच वर्षों में 69 प्रतिशत की वृद्धि हुई है तथा यह 2021 में 13.34 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026 में 22.57 करोड़ रुपये हो गई है। उनके चुनावी हलफनामे से यह जानकारी सामने आयी है।
उनकी घोषित व्यक्तिगत आय में बहुत वृद्धि हुई है। वर्ष 2021 के हलफनामे में उनकी वार्षिक आय 65.87 लाख रुपये थी, जो नवीनतम विवरण में बढ़कर 1.71 करोड़ रुपये हो गई है, यानी पांच वर्षों में इसमें 160 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हकीम कोलकाता के महापौर भी हैं।
हलफनामों से यह भी पता चलता है कि शहरी विकास और नगर मामलों के मंत्री हकीम की कुल देनदारियां इस दौरान लगभग दोगुनी हो गईं। उनकी देनदारियां 2021 के 83.79 लाख रुपये से बढ़कर 2026 में 1.62 करोड़ रुपये हो गईं।
उनकी चल और अचल संपत्तियों में बैंक जमा, निवेश, आभूषण और कोलकाता तथा आसपास के जिलों में कई अचल संपत्तियां शामिल हैं, जो उनकी कुल संपत्ति में वृद्धि का कारण हैं।
हलफनामे में मंत्री ने स्वयं को ‘व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और नेता बताया है, जबकि उनकी पत्नी व्यवसाय में लगी हुई हैं।
संपत्ति में हुई वृद्धि का एक बड़ा हिस्सा बैंक जमा में वृद्धि, निवेश और परिवार के पास मौजूद अचल संपत्तियों के मूल्य में वृद्धि से आया प्रतीत होता है।
हलफनामों से उनके कानूनी रिकॉर्ड में भी बदलाव का संकेत मिलता है। जहां हकीम ने 2021 के नामांकन पत्रों में एक लंबित आपराधिक मामले का उल्लेख किया था, वहीं 2026 के हलफनामे के अनुसार अब उनके खिलाफ दो लंबित आपराधिक मामले दर्ज हैं।
भाषा
राजकुमार सुरेश
सुरेश