Naseeruddin Shah On Mumbai University : मुंबई यूनिवर्सिटी पर भड़के नसीरुद्दीन शाह, कहा-“मेरा अपमान किया और फिर झूठ बोला”, जानें क्या है पूरा विवाद?

दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने मुंबई यूनिवर्सिटी पर ‘जश्न-ए-उर्दू’ कार्यक्रम से आखिरी वक्त पर उनका निमंत्रण रद्द करने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे अपमानजनक बताते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक सोच के कारण उन्हें मंच से दूर रखा गया और छात्रों के सामने उनके बारे में झूठ बोला गया।

Naseeruddin Shah On  Mumbai University : मुंबई यूनिवर्सिटी पर भड़के नसीरुद्दीन शाह, कहा-“मेरा अपमान किया और फिर झूठ बोला”, जानें क्या है पूरा विवाद?

Naseeruddin Shah On Mumbai University / Image Source : X

Modified Date: February 5, 2026 / 09:25 pm IST
Published Date: February 5, 2026 9:22 pm IST
HIGHLIGHTS
  • ‘जश्न-ए-उर्दू’ कार्यक्रम से आखिरी वक्त पर नसीरुद्दीन शाह का निमंत्रण रद्द
  • अभिनेता का आरोप—यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों से उनके बारे में झूठ बोला
  • अभिव्यक्ति की आज़ादी पर चिंता जताते हुए जॉर्ज ऑरवेल के उपन्यास 1984 का किया ज़िक्र

एंटरटेनमेंट डेस्क : हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने मुंबई यूनिवर्सिटी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मामला 1 फरवरी को उर्दू विभाग द्वारा आयोजित ‘जश्न-ए-उर्दू’ कार्यक्रम का है, जहाँ आखिरी वक्त पर नसीरुद्दीन शाह का निमंत्रण रद्द कर दिया गया। अभिनेता ने इस व्यवहार को बेहद अपमानजनक बताते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन पर न केवल उनका अपमान करने बल्कि छात्रों के सामने झूठ बोलने का भी आरोप लगाया है।

Naseeruddin Shah On Mumbai University आखिरी वक्त पर रद्द हुआ निमंत्रण

नसीरुद्दीन शाह ने अपने लेख में बताया कि 31 जनवरी की रात उन्हें अचानक सूचित किया गया कि इवेंट में उनकी जरूरत नहीं है। उन्होंने हैरानी जताई कि न तो उन्हें कोई ठोस वजह दी गई और न ही इस बेरुखी के लिए माफी मांगी गई। शाह ने दावा किया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रोग्राम में मौजूद लोगों से झूठ बोला कि उन्होंने खुद आने से मना किया है, जबकि हकीकत इसके उलट थी। अभिनेता का मानना है कि उनकी ‘राजनीतिक सोच’ की वजह से उन्हें रोका गया। उन्होंने बताया कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन पर ‘देश के खिलाफ बयान देने’ का आरोप लगाया, जिस पर शाह ने तीखा सवाल किया कि “प्रधानमंत्री और सत्ता की आलोचना करना देश के खिलाफ होना कब से हो गया?”

Naseeruddin Shah On Mumbai University प्रसिद्ध उपन्यास का किया ज़िक्र

अपने लेख में जॉर्ज ऑरवेल के प्रसिद्ध उपन्यास ‘1984’ का जिक्र करते हुए नसीरुद्दीन शाह ने देश में अभिव्यक्ति की आजादी और बढ़ते डर के माहौल पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भारत के खिलाफ बात नहीं की, बस ‘विश्वगुरु’ का दावा करने वालों की तारीफ नहीं की। शाह के मुताबिक, आज हालात ऐसे हैं जहाँ ‘महान नेता’ की प्रशंसा न करना भी देशद्रोह माना जाने लगा है। इस पूरे विवाद ने एक बार फिर कला, राजनीति और शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता पर बहस छेड़ दी है।

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लेखक के बारे में

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