Peddi Film Controversy: ‘पैडेड ब्रा पहनने को कहते’.. ‘पेद्दी’ विवाद के बीच फिर चर्चा में आया इस मशहूर एक्ट्रेस का बयान, साउथ सिनेमा पर छिड़ी नई बहस

'पैडेड ब्रा पहनने को कहते'.. 'पेद्दी' विवाद के बीच फिर चर्चा में आया इस मशहूर एक्ट्रेस का बयान, Peddi movie controversy: Taapsee Pannu statement and Janhvi Kapoor

Peddi Film Controversy: ‘पैडेड ब्रा पहनने को कहते’.. ‘पेद्दी’ विवाद के बीच फिर चर्चा में आया इस मशहूर एक्ट्रेस का बयान, साउथ सिनेमा पर छिड़ी नई बहस
Modified Date: June 8, 2026 / 09:01 pm IST
Published Date: June 8, 2026 9:00 pm IST

मुंबई। Peddi Film Controversy: अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की आगामी फिल्म ‘पेद्दी’ को लेकर सोशल मीडिया पर नई बहस छिड़ गई है। फिल्म में उनके कुछ ग्लैमरस और सेन्शुअस दृश्यों को लेकर यूजर्स सवाल उठा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि दक्षिण भारतीय फिल्मों में आज भी कई बार अभिनेत्रियों को उनके अभिनय और किरदार से ज्यादा उनके शारीरिक आकर्षण के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है।

Peddi Film Controversy: इस विवाद के बीच अभिनेत्री तापसी पन्नू का एक पुराना बयान एक बार फिर चर्चा में आ गया है। तापसी ने कुछ समय पहले एक पॉडकास्ट में साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्रियों के साथ होने वाले अनुभवों को साझा करते हुए कहा था कि कई फिल्मों में महिला कलाकारों के अभिनय से अधिक उनके लुक और ग्लैमर पर जोर दिया जाता है। तापसी ने दावा किया था कि शूटिंग के दौरान कई बार अभिनेत्रियों को कैमरे पर अधिक आकर्षक दिखाने के लिए विशेष प्रकार की स्टाइलिंग और कॉस्ट्यूम संबंधी सुझाव दिए जाते थे। उनके अनुसार, ऐसी बातें सीधे कलाकारों से नहीं कही जाती थीं, बल्कि सहायक निर्देशकों या स्टाइलिंग टीम के माध्यम से उन तक पहुंचाई जाती थीं। अभिनेत्री ने यह भी कहा था कि कई बार ऐसी मांगें कलाकारों के लिए असहज स्थिति पैदा कर देती थीं। यदि फिल्म निर्माताओं को कैमरे पर मनचाहा परिणाम नहीं मिलता था, तो कलाकारों से दोबारा बदलाव करने के लिए कहा जाता था। तापसी के मुताबिक, कुछ फिल्मों में कैमरे का फोकस महिला कलाकारों के विशेष शारीरिक अंगों पर अधिक रखा जाता था, जिसे दर्शकों को आकर्षित करने की रणनीति के तौर पर देखा जाता था।

वहीं, ‘पेद्दी’ को लेकर जारी विवाद के बीच जाह्नवी कपूर ने कहा है कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि फिल्म में उनके किरदार को किस तरह प्रस्तुत किया जाएगा। हालांकि सोशल मीडिया पर कई यूजर्स उनके इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं और इसे स्वीकार करने से इंकार कर रहे हैं। फिल्म को लेकर जारी बहस ने एक बार फिर सिनेमा में महिलाओं की प्रस्तुति और उनके किरदारों की भूमिका पर चर्चा को हवा दे दी है। कई लोग मानते हैं कि अभिनेत्रियों को उनकी अभिनय क्षमता और कहानी में योगदान के आधार पर याद किया जाना चाहिए, जबकि कुछ का तर्क है कि ग्लैमर भी व्यावसायिक सिनेमा का अहम हिस्सा है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब साउथ सिनेमा में अभिनेत्रियों की प्रस्तुति को लेकर सवाल उठे हैं। इससे पहले भी कई अभिनेत्रियां इस विषय पर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रख चुकी हैं। ऐसे में ‘पेद्दी’ को लेकर शुरू हुई बहस ने एक बार फिर फिल्म उद्योग में महिला किरदारों की भूमिका और उनकी प्रस्तुति के तरीके पर चर्चा तेज कर दी है।

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