Oral Cancer in India: भारत के लिए अभिशाप बन चुका है ‘मुंह का कैंसर’.. वरिष्ठ सर्जन डॉ. अनिल जैन ने बताया, क्या है लक्षण और बचाव के उपाय, आप भी पढ़ें

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The Status of 'Oral Cancer' in India: छत्तीसगढ़ में मुंह के कैंसर की बढ़ती घटनाओं पर जागरूकता, डॉ. अनिल जैन से टिप्स और शुरुआती पहचान के तरीके।

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  • Publish Date - March 19, 2026 / 07:04 PM IST,
    Updated On - March 19, 2026 / 07:04 PM IST

Oral Cancer in India || Image- roopjeevanhospital.in file

HIGHLIGHTS
  • मुंह के कैंसर से बचाव के उपाय
  • डॉ. अनिल जैन ने दी मुंह के कैंसर की पहचान
  • स्व-परीक्षा से मुंह के कैंसर की पहचान

रायपुर: मुंह का कैंसर भारत में एक बड़ा स्वास्थ्य संकट बन चुका है, और छत्तीसगढ़ में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। (Oral Cancer in India) विशेषज्ञों का कहना है कि मुंह का कैंसर अगर समय पर पहचाना जाए तो पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए जागरूकता और जल्दी पहचान बहुत महत्वपूर्ण है।

डॉ. अनिल जैन, वरिष्ठ ENT और हेड-नेक कैंसर सर्जन, ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में उनके पास हज़ारों मरीज आए हैं, लेकिन अधिकांश मरीज तब आते हैं जब कैंसर का स्तर काफी बढ़ चुका होता है। उन्होंने बताया कि भारत में हर तीन में से एक कैंसर का मामला मुंह का कैंसर होता है और अगर इसे शुरुआती चरण में पकड़ लिया जाए तो जीवित रहने की संभावना 80% तक हो सकती है।

मुंह का कैंसर गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, शराब और पान मसाला के अत्यधिक सेवन से होता है। छत्तीसगढ़ जैसे प्रदेश में जहां इन पदार्थों का अत्यधिक सेवन किया जाता है, वहां मुंह के कैंसर का खतरा और भी अधिक बढ़ जाता है। इसके अलावा मुंह की सफाई की कमी, टूटे दांत और जलन भी इस बीमारी को बढ़ावा देते हैं।

खतरे के संकेत

मुंह में सफेद या लाल धब्बे, घाव जो ठीक न हो, निगलने में कठिनाई, गाल में गांठ या सूजन, जीभ या होंठ में सुन्नपन, और लगातार दर्द या जलन जैसे संकेतों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। (Oral Cancer in India) डॉ. जैन ने कहा कि अगर ये लक्षण दो हफ्ते से ज्यादा समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।

स्वयं की जांच

डॉ. जैन ने बताया कि हर महीने दो मिनट की स्व-परीक्षा से मुंह के कैंसर की पहचान की जा सकती है। इसके लिए अच्छे प्रकाश में आईने के सामने खड़े होकर होंठ, मसूड़े, जीभ और गाल की जांच करें और गर्दन पर भी हाथ फेरकर किसी गांठ का पता लगाएं। अगर किसी भी असामान्य चीज़ को दो हफ्ते तक ठीक होते हुए न देखें, तो तुरंत ENT विशेषज्ञ से मिलें।

बचाव के उपाय

मुंह के कैंसर से बचने के लिए सबसे बड़ा उपाय आदतों में बदलाव है। तंबाकू और शराब का सेवन बंद करें, पान मसाला और सुपारी से बचें, और मुंह की सफाई बनाए रखें। साथ ही, फल और सब्ज़ियों का सेवन करें क्योंकि इनमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो कैंसर से बचाते हैं।

डॉ. जैन ने छत्तीसगढ़ के लोगों से अपील की है कि मुंह के कैंसर से डरने की बजाय जागरूक रहें, जल्दी पहचान करें और डॉक्टर से समय पर मिलें। (Oral Cancer in India) अगर कोई तंबाकू का सेवन करता है, तो वह तुरंत नज़दीकी सरकारी अस्पताल या ENT क्लिनिक में जाकर मुफ्त ओरल स्क्रीनिंग करवाएं।

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Q1. मुंह के कैंसर के लक्षण क्या हैं?

Ans: सफेद/लाल धब्बे, घाव, निगलने में कठिनाई, गाल में गांठ या सूजन।

Q2. मुंह के कैंसर का सही समय पर इलाज कैसे संभव है?

Ans: अगर लक्षण दो हफ्ते से ज्यादा रहें, तो डॉक्टर से तुरंत मिलें।

Q3. मुंह के कैंसर से बचाव के लिए क्या करें?

Ans: तंबाकू, शराब से बचें, मुंह की सफाई रखें और फल-सब्ज़ियां खाएं।