इंदौर: Indore News: मध्यप्रदेश के इंदौर के शीतला माता बाजार में साड़ियों की दुकानों से 40 मुस्लिम सेल्समैन को हटाने का मामला सामने आया है। यह कदम स्थानीय विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के बेटे एकलव्य गौड़ के आह्वान के बाद उठाया गया। एकलव्य गौड़ ने कथित तौर पर ‘लव जिहाद’ के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए व्यापारियों से मुसलमान कर्मचारियों को हटाने की अपील की थी।
Indore News: इस आह्वान के बाद शीतला माता बाजार व्यापारी संगठन ने एक बैठक बुलाई, जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि दुकानों पर कार्यरत मुस्लिम सेल्समैन को हटा दिया जाए। संगठन के अनुसार, यह कदम “महिला ग्राहकों की सुरक्षा” के मद्देनज़र उठाया गया है। व्यापारी संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने दावा किया कि मुसलमान कर्मचारी “डिज़ाइन दिखाने के बहाने महिला ग्राहकों के मोबाइल नंबर ले लेते थे” और बाद में उन्हें प्रेम जाल में फंसाकर ‘लव जिहाद’ की घटनाओं को अंजाम देते थे। संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है। हालांकि अभी तक जिला प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन यह मुद्दा शहर में चर्चा और तनाव का विषय बना हुआ है।
मामले पर गर्म हुई प्रदेश की सियासत
मुस्लिम कर्मचारियों को बाहर किए जाने के मामले को लेकर अब प्रदेश की सियासत गर्म हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि विधायक का बेटा संविधान के खिलाफ काम कर रहा है। शहर की शांति भंग करने का प्रयास है। एकलव्य गौड़ को पुलिस गिरफ्तार करें। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस शहर में ये सब बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस शहर और जनता की आवाज़ उठाएगी। ये सब हमारे शहर में नहीं चलेगा। हिन्दू, मुस्लिम, सिख और ईसाई आपस में भाई-भाई है। पुलिस प्रसाशन बीजेपी के लिए काम न करें।

