board exam/ image source: IBC24
भोपाल। मध्य प्रदेश बोर्ड (MPBSE) की आगामी 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के लिए इस बार सख्त सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था की गई है। परीक्षा फरवरी से शुरू होने जा रही है और इसे 226 परीक्षा केंद्रों पर लाइव कैमरों के जरिए मॉनिटर किया जाएगा। यह पहली बार है जब थाने से लेकर परीक्षा केंद्र तक मोबाइल एप आधारित मॉनिटरिंग की जाएगी।
परीक्षा में नकल रोकने के लिए एमपी बोर्ड ने कड़े इंतजाम किए हैं। प्रदेश के 09 जिलों में स्थित 226 परीक्षा केंद्रों को अतिसंवेदनशील (High Alert) चिन्हित किया गया है। इन केंद्रों पर कुल 1,000 कैमरे लगाए जाएंगे, जो परीक्षा की हर गतिविधि को रिकॉर्ड करेंगे और लाइव फीड भोपाल कंट्रोल कमांड सेंटर में दिखाई जाएगी।
एमपी बोर्ड ने इस बार मोबाइल एप आधारित निगरानी का प्रयोग किया है। इससे परीक्षा केंद्रों का डेटा सीधे थानों और कंट्रोल रूम तक भेजा जाएगा। यदि किसी केंद्र में संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो पुलिस और बोर्ड अधिकारियों को तुरंत अलर्ट मिलेगा। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, इस तकनीक से नकल रोकने और परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भोपाल के कंट्रोल कमांड सेंटर में सभी सेंटरों की लाइव फीड दिखाई जाएगी। यहां बोर्ड अधिकारी और पुलिस अधिकारी सेंटर की गतिविधियों पर नजर बनाए रखेंगे। कंट्रोल रूम में रखे गए मॉनिटर से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान कर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
एमपी बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि यह कदम परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाने और नकल की घटनाओं को रोकने के लिए बेहद जरूरी था। इससे न केवल छात्रों की मेहनत की कद्र होगी, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में विश्वास भी बढ़ेगा।
एमपी बोर्ड परीक्षा 2026 फरवरी में शुरू होगी। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे सभी सुरक्षा नियमों और निर्देशों का पालन करें, ताकि परीक्षा सुचारू रूप से संपन्न हो सके। बोर्ड का कहना है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल की स्थिति में कड़े कानूनी कार्रवाई की जाएगी।