CM Dr Mohan Yadav PC on Women's Reservation Bill || Image- AIBC24 News File
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक की हार के बाद विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। भोपाल में BJP के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोलते हुए डॉ मोहन यादव ने संविधान संशोधन विधेयक पास नहीं होने को “लोकतंत्र के लिए एक काला दिन” बताया है। (CM Dr Mohan Yadav PC on Women’s Reservation Bill) मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि, जिस तरह से लोकतंत्र के मंदिर में महिलाओं की गरिमा के साथ बर्ताव किया गया, वह बेहद दुखद है। उन्होंने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि, मोदी सरकार ने बातचीत के हर अवसर प्रदान किए, फिर भी विधेयक को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका।
इस मुद्दे को जनता तक पहुँचाने के लिए डॉ मोहन यादव ने प्रदेशभर में ‘नारी शक्ति वंदन’ पदयात्रा का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि, इस रैली के माध्यम से मध्य प्रदेश के सभी जिलों में विपक्षी दल कांग्रेस की घेराबंदी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से होगा। इसकी शुरुआत स्थानीय प्रदर्शनों से होगी और फिर इसे नगर निगम स्तर तक ले जाया जाएगा। सीएम ने पत्रकारों से कहा, “सरकार और पार्टी चुप नहीं बैठेगी। हम उन लोगों को बेनकाब करने के लिए जनता की अदालत में जा रहे हैं, जिन्होंने हमारी बहनों के अधिकार छीन लिए।”
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उनकी सरकार मध्य प्रदेश विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की योजना बना रही है। यह सत्र पूरी तरह से महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्रित होगा और इस विशेष सत्र में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया जाएगा। डॉ मोहन यादव ने कहा, “यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकता का विषय है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की विधायी संस्था को 850 सीटों के विस्तार प्रस्ताव पर मतदान प्रक्रिया के दौरान संसद में प्रदर्शित “महिला-विरोधी मानसिकता” के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष के दलों द्वारा अपनाए गए रवैये को “राजनीतिक अवसरवाद” करार दिया। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने 2023 में, जब चुनाव करीब थे, इस अधिनियम का समर्थन किया था, उन्होंने अब, जब इसे लागू करने का समय आया है, अपना समर्थन वापस ले लिया है। सीएम ने कहा कि, विपक्ष उत्तर-दक्षिण सीटों के अंतर को प्रगति रोकने के लिए एक “बेबुनियाद बहाने” के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि गृह मंत्री पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि सीटों में बढ़ोतरी सभी क्षेत्रों के लिए आनुपातिक और निष्पक्ष होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, जिनमें BJP के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा शामिल थे। खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि बिल के पास न होने पर विपक्ष का जश्न मनाना देश की “आधी आबादी” का सीधा अपमान था। इसी तरह रेखा वर्मा ने आगे कहा कि महिलाएं 70 सालों से 33% आरक्षण के लिए संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जहां प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने इन अधिकारों को दिलाने के लिए ईमानदारी से प्रयास किए, वहीं विपक्ष के विरोध ने 2024 के आम चुनावों के बाद उनका “असली चेहरा” बेनकाब कर दिया।