मप्र में घोड़े की सवारी करने पर दलित दूल्हे पर हमला, चार को हिरासत में लिया गया

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मप्र में घोड़े की सवारी करने पर दलित दूल्हे पर हमला, चार को हिरासत में लिया गया

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  • Publish Date - April 24, 2026 / 12:40 AM IST,
    Updated On - April 24, 2026 / 12:40 AM IST

दामोह (मध्यप्रदेश), 23 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के दामोह जिले के बिजौरी पाठक गांव में शादी की रस्मों के तहत घोड़े की सवारी करने पर एक दलित दूल्हे के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के मुताबिक सवर्ण जाति से ताल्लुक रखने वाले आरोपियों ने दिव्यांग दूल्हे को कथित तौर पर जातिसूचक गालियां भी दीं।

दामोह के पुलिस अधीक्षक श्रुति सोमवंशी ने बताया कि यह घटना मंगलवार को हुई और अब तक इस घटना में शामिल चार लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश के दामोह जिले के बिजौरी पाठक गांव में मंगलवार को ‘रचवाई’ समारोह के दौरान एक दिव्यांग दलित दूल्हे पर हमले के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।

सोमवंशी ने बताया कि लोगों के एक समूह ने घोड़े पर सवार दूल्हे पर हमला किया और उसे परेशान किया, उसे नीचे उतरने के लिए मजबूर किया, उसे पीटा और जातिसूचक गालियां दीं, जिसके बाद पीड़िता ने जिले के हाटा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।

उन्होंने कहा कि त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक चार मुख्य आरोपियों को हिरासत में लिया है और उन्हें जल्द ही औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सोमवंशी ने बताया कि घटना के बाद गांव में पैदा हुए तनाव को देखते हुए पुलिस बल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस की कार्रवाई गिरफ्तारियों तक ही सीमित नहीं है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी कार्यालय, जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत सख्त कार्रवाई का अनुरोध किया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गहन जांच कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घटना में शामिल कोई अन्य अपराधी बख्शा न जाए।

उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी गांव में शांति बनाए रखने के लिए स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।

भाषा सं ब्रजेन्द्र धीरज

धीरज