Gwalior Lawyer Suicide: प्रेम में मृत्यु है…’ स्टेटस के बाद आत्महत्या, वकील सुसाइड केस में बड़ा मोड़! 22 दिन बाद महिला SI और आरक्षक पर FIR

Gwalior Lawyer Suicide: प्रेम में मृत्यु है…’ स्टेटस के बाद आत्महत्या, वकील सुसाइड केस में बड़ा मोड़! 22 दिन बाद महिला SI और आरक्षक पर FIR

  • Reported By: Nasir Gouri

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  • Publish Date - January 7, 2026 / 02:08 PM IST,
    Updated On - January 7, 2026 / 02:09 PM IST

Gwalior Lawyer Suicide/Image Source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • वकील सुसाइड केस
  • मारपीट, FIR और मानसिक प्रताड़ना
  • 22 दिन बाद पुलिस एक्शन

ग्वालियर: Gwalior Lawyer Suicide: ग्वालियर के वकील मृत्युंजय सिंह चौहान के सुसाइड केस में गोला का मंदिर थाना पुलिस ने 22 दिन बाद मुरैना पुलिस में पदस्थ सब-इंस्पेक्टर प्रीति जादौन और आरक्षक अराफ़ात ख़ान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोनों पर वकील को आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक प्रताड़ना देने की एफआईआर दर्ज की गई है।

प्यार, धोखा और पुलिस का रौब! (Gwalior Suicide News)

Gwalior Lawyer Suicide: 15 दिसंबर को वकील ने फांसी लगाने से पहले अपने स्टेटस पर लिखा था “प्रेम में मृत्यु है, लेकिन मुक्ति नहीं”। इस स्टेटस पर प्रेमिका एसआई प्रीति जादौन की ओर से ‘ब्लेस’ कमेंट भी किया गया था। बताया गया है कि 12 दिसंबर को वकील अपनी प्रेमिका को सरप्राइज देने उसके शासकीय क्वार्टर पहुंचे, जहाँ उन्होंने उसे एक आरक्षक के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखा। इसके बाद वहां झगड़ा और मारपीट हुई। मुरैना में एसआई प्रीति जादौन ने अपने रौब के चलते वकील के खिलाफ ही मामला दर्ज करा दिया। प्यार में धोखे से आहत होकर वकील ने यह कदम उठाया।

वकील सुसाइड केस में महिला SI फंसी (Mrityunjay Singh Chauhan case)

Gwalior Lawyer Suicide: दरअसल, मुरैना के सिविल लाइन थाने में पदस्थ महिला एसआई प्रीति जादौन के मंगेतर, ग्वालियर के वकील मृत्युंजय सिंह चौहान ने 14-15 दिसंबर की रात गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के आदर्शपुरम स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।वकील ने आत्महत्या का कारण 12 दिसंबर को मुरैना पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर में हुई घटना बताया। वकील के कमरे से सिविल लाइन थाने के नाम लिखा गया एक आवेदन मिला, जिसे अघोषित सुसाइड नोट भी माना जा रहा है। इसके अनुसार, 12 दिसंबर की रात जब वह अपनी प्रेमिका एसआई प्रीति जादौन के शासकीय क्वार्टर पहुंचे, तो प्रीति और क्वार्टर में छिपे आरक्षक अराफ़ात ने उनके साथ मारपीट की।

इसके बाद वकील ने अपनी मंगेतर के पदस्थ थाने सिविल लाइन और सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन कहीं उसकी बात नहीं सुनी गई। वकील ने महिला एसआई के मोबाइल से मुरैना जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एसपी, एएसपी और सीएसपी को सोशल मीडिया के माध्यम से पूरी घटना की जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके उल्टा, एसआई प्रीति जादौन के प्रभाव के चलते सिटी कोतवाली में वकील के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी गई। इसी से आहत होकर वकील ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया।

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