MP ki baat
उज्जैन: शहर में मोहर्रम के मौके पर कुछ असमाजिक तत्वों ने ना सिर्फ माहौल बिगाड़ने की कोशिश की बल्कि सियासी तापमान भी बढ़ा दिया। मामला सामने आते ही पुलिस-प्रशासन ने चुस्ती दिखाते हुए देशद्रोह का केस दर्ज कर, दोषियों की पहचान करते हुए उनकी गिरफ्तारी शुरू कर दी है। मौका त्योहारों का है और मामला बेहद संवेदनशील इसे देखते हुए सरकार भी फौरन हरकत में आई। मुख्यमंत्री ने दो टूक कह दिया है कि ऐसी सोच, ऐसा हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ऐसे देशद्रोही प्रयास कुचल दिए जाएंगे। विपक्ष ने असमाजिक तत्वों की इस हरकत को शर्मनाक बताते हुए कार्रवाई को सही तो बताया लेकिन लगे हाथ बाकि मौजूदा मुद्दों पर सरकार के मौन रहने पर सवाल भी उठाए।
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इस वीडियो में आप पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे सुन सकते हैं, ये वीडियो उज्जैन में खजूर वाली मस्जिद इलाके का है जहां मोहर्रम के लिए काफी भीड़ जमा थी। 30 सेकंड के इस वीडियो में 20 सेकंड तक तो सब सामान्य रहा लेकिन उसके बाद पाकिस्तान जिंदाबाद की आवाजें आने लगी और कुछ ही सेकंड में ये नारेबाजी में बदल गई। जाहिर तौर पर ये ऐसे असामाजिक तत्व थे जो शहर का माहौल बिगाड़ना चाहते थे और इसके लिए ही इन्होंने नारेबाजी की। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने 10 लोगों पर राष्ट्रद्रोह का केस दर्ज कर 7 को गिरफ्तार भी कर लिया है। मुख्यमंत्री ने भी साफ शब्दों में चेतावनी दी है मध्यप्रदेश में ऐसे गुनहगारों को बख्शा नहीं जाएगा।
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वीडियो सामने आने के बाद कई सवाल भी खड़े होते हैं। क्या असामाजिक तत्वों को नहीं है पुलिस का डर? क्या पुलिस को इस तरह से भीड़ इकट्ठा होने की खबर नहीं थी? क्या खुफिया तंत्र की नाकामी के कारण पुलिस को खबर नहीं थी? आखिर वो कौन लोग है जो शहर का माहौल खराब करना चाहते है? सवाल ये भी है कि क्या त्यौहार के मद्देनजर पुलिस का ठीक से बंदोबस्त नहीं था? सवाल कितने भी हो मुद्दा चाहे कोई भी हो लेकिन राजनीति होना तो तय है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने नारे लगाने वालों की तुलना दिग्विजय सिंह से की तो कांग्रेस ने भी बीजेपी की सोच को तालिबानी मानसिकता वाला बताया।
वैसे ये कोई पहला मामला नही है इससे पहले भी दूसरे शहरों में इस तरह की नारेबाजी के वीडियो सामने आए हैं। जाहिर है ऐसे में सिर्फ एक सवाल उठता है कि क्या प्रदेश में अराजक हो चुके हैं असामाजिक तत्व?