Reported By: Vijendra Pandey
,Gold Mine in Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश में 14 लाख टन सोने का विशाल भंडार, हर साल 33 हजार टन की खुदाई का एग्रीमेंट Image: IBC24 Customized
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जबलपुर: Gold Mine in Madhya Pradesh शायद ही कभी किसी ने सोचा होगा कि विकास के नक्शे पर उपेक्षित महाकोशल के इलाके मध्यप्रदेश की समृद्धि का आधार बनेंगे। लेकिन अब सोच से परे महाकोशल, देश की तरक्की में अपना अहम योगदान देने वाला है। दरअसल कटनी जिले के स्लीमनाबाद के इमलिया गांव में गोल्ड ब्लॉक सैंक्शन हुआ है, जहां पर सोने का खनन (gold in madhya pradesh news) किया जाना है। ये जमीन जो सोने का अकूत भंडार अपने भीतर समेटे हुए है, इस इलाके की तरक्की का आधार बनने जा रही है। यहां 33 हजार टन प्रतिवर्ष (how much gold found in madhya pradesh) यहां से सोना खनन की स्वीकृति दी गई है, जिसका असर यहां के विकास में नज़र आने की पूरी उम्मीद है।
Gold Mine in Madhya Pradesh मध्य प्रदेश का वो जिला, जिसकी पहचान अब तक चूना, बॉक्साइट और लाइमस्टोन से होती थी, लेकिन अब कटनी की धरती ने अपने सीने में छुपा वो राज़ खोल दिया है। यहां के सोने की चमक अब देश की अर्थव्यवस्था तक महसूस की जा सकेगी। देश में सोने के खनन के नक्शे पर अब एक नया नाम जुड़ने जा रहा है।
कटनी जिले का इमलिया गोल्ड ब्लॉक (jabalpur gold mine), जिसे लेकर लंबे समय से चर्चाएं थीं और अब आधिकारिक रूप से हकीकत बन चुकी हैं। कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी और मुंबई की कंपनी प्रोस्पेक्ट रिसोर्सेज मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच खनन पट्टे पर करार हुआ है। ई-नीलामी के जरिए कंपनी को 50 साल के लिए खनन का अधिकार मिला है। इमलिया गांव के साढ़े 6 हेक्टेयर क्षेत्र में, धरती में छुपा सोना निकालने के लिए माइनिंग एक्टिविटी शुरु होने जा रही हैं। ये सिर्फ एक एग्रीमेंट नहीं, बल्कि कटनी जिले के आर्थिक भविष्य की नींव रखने वाला फैसला है।
कटनी के जिला प्रशासन और खनन विभाग के मुताबिक इमलिया की धरती सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी, जस्ता, सीसा और तांबा जैसे कीमती मिनरल्स से भरपूर है। भू-गर्भ शास्त्रियों की शुरुआती रिपोर्ट कहती है कि यहां से करीब 14 लाख टन, कीमती खनिज निकाले जाने की संभावना है। कलेक्टर आशीष तिवारी की मानें तो स्लीमनाबाद के इमलिया में साढ़े 6 हैक्टेयर की खदान है, जिसमें लगभग 14 लाख मीट्रिक टन सोने (3.35 lakh tonne gold found in mp is it true) के अच्छे भंडार हने की संभावना है।
बता दें कि कटनी जिले के स्लीमनाबाद कस्बे में बसा एक छोटा सा गांव इमलिया एक आदिवासी बहुल इलाका है। यहां रहने वाले लोगों के लिए सोना कोई लग्ज़री नहीं, बल्कि एक उम्मीद है। गांव में बसने वाले आदिवासी कहते हैं कि सोना उन्हें समझ नहीं आता, लेकिन पूछते हैं कि अगर यहां सोने की खदान खुलेगी तो काम तो मिलेगा ना? फटे कपड़े पहने, सिर पर लकड़ियों का बोझा ढोते इस आदिवासी के लिए अच्छा खाना और ठीक-ठाक घर ही विकास है। गांव की इस आदिवासी महिला की आंखों में सोने की चमक नहीं, बस सवाल है। सवाल है कि सोना निकलेगा तो उसके बच्चों को स्कूल मिलेगा ? बीमारी में अस्पताल मिलेगा? यहां विकास का मतलब शेयर मार्केट या जीडीपी नहीं, बल्कि रोज़गार, कपड़े, घर, भरपेट खाना, स्कूल और दवा है।