Lawrence Bishnoi Gang Threat: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर मध्य प्रदेश के बड़े कारोबारी, धमकी देने के लिए अपनाया ये नया पैंतरा, जानकर पुलिस का भी चकरा गया माथा

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Lawrence Bishnoi Gang Threat: मध्यप्रदेश में इन दिनों गैंगस्टर नेटवर्क की धमकियों ने कानून-व्यवस्था को नई चुनौती दे दी है।

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 09:53 PM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 09:53 PM IST

Lawrence Bishnoi Gang Threat | Image- The Hindu

Lawrence Bishnoi Gang Threat: इंदौर: मध्यप्रदेश में इन दिनों गैंगस्टर नेटवर्क की धमकियों ने कानून-व्यवस्था को नई चुनौती दे दी है। देश के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर आ रहे धमकी भरे कॉल और वॉइस मैसेज से प्रदेश के कई शहरों में पुलिस परेशान है। महू, अशोकनगर, इंदौर, खरगोन और भोपाल में एक के बाद एक सामने आए मामलों के बाद अब पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए वॉयस सैंपलिंग और साइबर ट्रैकिंग का सहारा लिया है। पुलिस के लिए चुनौती इसलिए भी है क्यों की एका एक प्रदेश में इस तरह के मामलो में बढ़ोतरी हुई है लेकिन इसमें कार्रवाई कुछ ही मामलो में देखने को मिली है।

बिश्नोई गैंग ने धमकी देने के लिए अपनाया नया पैटर्न

मध्यप्रदेश में अपराध का नया ट्रेंड तेजी से पैर पसार रहा है, अब बंदूक से ज्यादा खौफ फोन कॉल और वॉइस नोट से फैलाया जा रहा है और नाम लिया जा रहा है कुख्यात गैंग का। एक के बाद एक बड़े शहरों में कारोबारियों को करोड़ों की रंगदारी के लिए धमकाया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में मध्यप्रदेश के अलग-अलग शहरों से रंगदारी और धमकी के कई सनसनीखेज मामले सामने आए हैं। जिन्होंने कानून-व्यवस्था के लिए चिंता पैदा कर दी है। अशोकनगर में कारोबारी से 10 करोड़ रुपये की मांग वॉइस नोट के जरिए की गई, तो महू में अस्पताल संचालक को 5 करोड़ की धमकी मिली। (Lawrence Bishnoi Gang Threat) इंदौर में रियल एस्टेट कारोबारी से 15 करोड़ की रंगदारी मांगी गई और लगातार कॉल कर दबाव बनाया गया। वहीं खरगोन में कपास व्यापारी के घर के बाहर फायरिंग कर वीडियो भेजा गया, जबकि भोपाल में ज्वैलर को हैरी बॉक्सर बनकर व्हाट्सएप कॉल के जरिए 10 करोड़ की मांग की गई।

दहशत फैलाने की कोशिश में बिश्नोई गैंग

इन सभी घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि अपराधी अब तकनीक का इस्तेमाल कर संगठित तरीके से दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में सामने आई घटनाओ में एक जैसा पेटर्न सामने आया है। अशोक नगर के कारोबारी अंकित अग्रवाल से वॉयस नोट के जरिए 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रकम नहीं देने पर परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई। महू के अस्पताल संचालक को 5 करोड़ की धमकी दी गई, परिवार में दहशत फैल गई, पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। (Lawrence Bishnoi Gang Threat)  इंदौर ने रियल एस्टेट कारोबारी संजय जैन से 15 करोड़ की रंगदारी मांगी गई। कई बार कॉल और वॉइस मैसेज भेजकर दबाव बनाया गया। खरगोन ने रियल एस्टेट कारोबारी संजय जैन से 15 करोड़ की रंगदारी मांगी गई। कई बार कॉल और वॉइस मैसेज भेजकर दबाव बनाया गया। भोपाल के ज्वैलर गौरव जैन से 10 करोड़ की मांग की गई। हैरी बॉक्सर बनकर दो बार व्हाट्सएप कॉल किए गए।

मध्य प्रदेश पुलिस की बढ़ी चिंता

देश के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर मिल रही लगातार धमकियों ने मध्यप्रदेश पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। महू, अशोकनगर, इंदौर, खरगोन और भोपाल जैसे शहरों में कारोबारियों को करोड़ों की रंगदारी के लिए कॉल और वॉइस नोट भेजे जा रहे हैं, जिससे दहशत का माहौल बन गया है। इन मामलों में समान पैटर्न सामने आने के बाद पुलिस अब साइबर ट्रैकिंग, कॉल डिटेल एनालिसिस और वॉयस सैंपलिंग के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि धमकियां वास्तव में गैंग से जुड़ी हैं या फिर स्थानीय बदमाश गैंग के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को डरा रहे हैं।

साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसे मामलों की जांच में सबसे अहम भूमिका डिजिटल ट्रेल की होती है, लेकिन अपराधी अब वर्चुअल नंबर, वीओआईपी कॉलिंग, फर्जी सिम और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं, जिससे जांच जटिल हो जाती है, वॉयस सैंपलिंग और वॉइस मैचिंग टेक्नोलॉजी के जरिए संदिग्धों की आवाज का मिलान किया जा सकता है, वहीं कॉल डिटेल रिकॉर्ड, आईपी लॉग और लोकेशन डेटा के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश होती है, (Lawrence Bishnoi Gang Threat)  हालांकि सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कई बार कॉल दूसरे देशों के सर्वर से रूट किए जाते हैं, जिससे रियल टाइम ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती है। इसके अलावा फर्जी पहचान और बार-बार बदलते डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण पुलिस को तकनीकी और कानूनी दोनों स्तर पर सतर्क रहकर मल्टी-लेयर जांच करनी पड़ती है।

तेजी से बदल रहा अपराध का स्वरुप

कुल मिलाकर इन लगातार सामने आ रहे मामलों ने यह साफ कर दिया है कि, अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और अब तकनीक के जरिए डर का नेटवर्क खड़ा किया जा रहा है। ऐसे में पुलिस के सामने न सिर्फ आरोपियों तक पहुंचने की चुनौती है, बल्कि आम लोगों में भरोसा बनाए रखना भी बड़ी जिम्मेदारी है। (Lawrence Bishnoi Gang Threat)  फिलहाल जांच एजेंसियां हर एंगल से पड़ताल कर रही हैं और उम्मीद है कि जल्द ही इन धमकियों के पीछे का पूरा नेटवर्क बेनकाब होगा।

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