इंदौर (मध्यप्रदेश), 25 जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने रविवार को दावा किया कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण पार्टी के 75 वर्षीय वॉर्ड अध्यक्ष की मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग ने हालांकि इस दावे का खंडन करते हुए बताया कि पहले से हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी बीमारियों से जूझ रहे व्यक्ति की मौत का उल्टी-दस्त के प्रकोप से कोई लेना-देना नहीं है।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ‘एक्स’ पर कहा, “अत्यंत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि इंदौर में दूषित पानी पीने से कांग्रेस में मेरे साथी और भागीरथपुरा में पार्टी के वॉर्ड अध्यक्ष राजाराम बौरासी का निधन हो गया।”
उन्होंने नागरिकों को पेयजल आपूर्ति को लेकर प्रदेश सरकार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और दावा किया कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने के कारण अब तक कुल 28 लोगों की मौत हुई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने एक बयान में कहा,’भागीरथपुरा निवासी बौरासी (75) की वर्ष 2018-19 की एंजियोग्राफी रिपोर्ट के अनुसार वह हृदय रोग से पीड़ित थे। उन्हें उच्च रक्तचाप और मधुमेह की पुरानी बीमारियां भी थीं।’
सीएमएचओ ने कहा कि चिकित्सकीय दस्तावेजों से प्रमाणित होता है कि बौरासी को हाल के दिनों में उल्टी-दस्त की कोई शिकायत नहीं थी।
भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से लोगों के बीमार पड़ने का सिलसिला दिसंबर के आखिर में शुरू हुआ था।
अधिकारियों के मुताबिक भागीरथपुरा में 51 नलकूपों में दूषित पानी मिला और पानी की जांच रिपोर्ट में इसमें ‘ई-कोलाई’ बैक्टीरिया के बारे में पता चला।
अधिकारियों ने बताया कि इस बैक्टीरिया के कारण भागीरथपुरा में बड़े पैमाने पर लोग संक्रमित हुए।
उन्होंने बताया कि भागीरथपुरा में नगर निगम की पेयजल पाइपलाइन में रिसाव के कारण इसमें एक शौचालय के सीवर का पानी भी मिला था।
राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में 15 जनवरी को पेश स्थिति रिपोर्ट में इस प्रकोप के दौरान पांच माह के बालक समेत सात लोगों की मौत का जिक्र किया था।
मृतकों के आंकड़े को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति के किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत इस प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है।
प्रशासन ने भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप शुरू होने के बाद जान गंवाने वाले 21 लोगों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है।
अधिकारियों का दावा है कि इनमें से कुछ लोगों की मौत दूसरी बीमारियों और अन्य कारणों से भी हुई है, लेकिन सभी मृतकों के परिवारों को मानवीय आधार पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।
भाषा हर्ष जितेंद्र
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