इंदौर, नौ सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर इंदौर में प्रशासन ने बुधवार को शहर के बीचों-बीच कान्ह नदी के किनारे करीब 100 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत वाली शासकीय जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि शहर के साउथ तोड़ा क्षेत्र में नदी के किनारे 50 से अधिक अवैध दुकानों और 45 से अधिक कारखानों को हटाने की कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई में करीब दो एकड़ शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया और इसका बाजार मूल्य करीब 100 करोड़ रुपये आंका जा रहा है। उन्होंने बताया कि एनजीटी के निर्देशानुसार नदी के किनारे 30 मीटर की परिधि में स्थित अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई।
अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) घनश्याम धनगर ने बताया कि कान्ह नदी के किनारे अतिक्रमण से नदी के प्राकृतिक बहाव में अवरोध उत्पन्न हो रहा था।
उन्होंने कहा,‘‘हमने सभी अतिक्रमण हटाकर बेशकीमती शासकीय भूमि को अपने कब्जे में लिया है। अब नदी के किनारों को व्यवस्थित करते हुए इनके आसपास सौंदर्यीकरण किया जाएगा।’’
कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों ने जमकर हंगामा किया।
अधिकारियों के मुताबिक भीड़ को हटाने की कोशिश के दौरान एक व्यक्ति ने अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त दिशेष अग्रवाल को धक्का दे दिया जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर गिर पड़े।
सहायक पुलिस आयुक्त विजय चौधरी ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान शासकीय कार्य में बाधा डालने, सार्वजनिक शांति भंग करने और अन्य आरोपों में 15 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि इनमें से छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
भाषा हर्ष
अमित
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