इंदौर (मध्यप्रदेश), आठ जून (भाषा) इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) में बीमार बच्चे को स्ट्रेचर पर लिटाकर उसके माता-पिता द्वारा गर्मी और उमस में खुद ही धक्का देते हुए ले जाने का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने सोमवार को दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दीं, जबकि कुछ अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गयी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि मरीजों के प्रति ‘लापरवाही और असंवेदनशीलता’ को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, छह जून को सामने आए वीडियो में एक दंपति अपने 11 वर्षीय बीमार बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर एमवायएच परिसर में गर्मी और उमस के बीच धक्का देते हुए ले जाते दिखाई दिए थे।
वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे।
अधिकारियों ने बताया कि सेवाओं में गंभीर लापरवाही और मरीजों के प्रति असंवेदनशील व्यवहार पाए जाने पर सुरक्षा सुपरवाइजर राजेश मिश्रा और हेल्प डेस्क कर्मचारी नरेंद्र महाजन की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि व्यवस्थागत शिथिलता और पर्यवेक्षकीय लापरवाही को लेकर एमवायएच के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक न्यूरोसर्जरी विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. परेश सोधिया को विभागीय प्रबंधन में कथित कमी और लापरवाही के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है।
उन्होंने बताया कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही और सरकारी दायित्वों का निर्वहन नहीं करने के आरोप में एक वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सक का सात दिन, तीन नर्सिंग अधिकारियों का एक-एक दिन और एक वॉर्ड सेवक का दो दिन का वेतन काटा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि एमवायएच की सफाई और सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली ठेका कंपनी ‘एचएलएल हाइट्स’ पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
भाषा हर्ष
राजकुमार
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