MP Assembly Session 2026/ Image Source- IBC24
शह मात The Big Debate: भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन कुत्तों को लेकर जमकर सियासी तीर चले और गरमा गरमी इतनी बढ़ी की आवारा कुत्तों की नस्लें खत्म कर देने की मांग तक उठ गई। दरअसल कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने सरकार से ये सवाल पूछा कि कुत्तों की जब नसबंदी की जा रही है, तो उनकी आबादी बढ़ कैसे रही है। सवाल का जवाब आता इसके पहले (शह मात The Big Debate) बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा खड़े हुए और कहा कि- कुत्तों को आतंकी बताया जा रहा है। इसी बीच मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मौके पर चौका मारते हुए कहा- सारे कुत्तों से मुझे ही निपटना पड़ता है, तो सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने कहा कि- अगर नसबंदी पर चर्चा होगी, तो बात इंदिरा गांधी तक जाएगी। विधानसभा के अंदर और बाहर कुत्तों पर बहस छिड़ी रही। गोपाल भार्गव ने कुत्तों की नस्ल खत्म करने के बयान को अपना व्यक्तिगत बयान बताया।
शह मात The Big Debate: विधानसभा में केवल कुत्तों पर ही हंगामा नहीं हुआ बल्कि आतिफ अकील के गौमाता को राष्ट्रीय पशु (शह मात The Big Debate) का दर्जा देने के अशासकीय संकल्प को लेकर भी जमकर सियासी तीर चले। बीजेपी ने कांग्रेस विधायक के संकल्प पर तंज कसते हुए कहा कि- आतिफ अकील सबसे पहले मस्जिदों के भीतर मौलवियों की मौजूदगी में गौहत्या के खिलाफ संकल्प पारित कराएं।
कुुलमिलाकर बजट सत्र के दिन कुत्तों और गाय पर जमकर सियासी बवाल हुआ। (शह मात The Big Debate) पक्ष-विपक्ष दोेनों एक-दूसरे पर हावी दिखे, लेकिन सवाल ये कि-क्या कुत्तों पर बहस इतनी जरुरी थी कि- MP दूसरे मुद्दों पर चर्चा ना हो सकी? सवाल ये भी कि – सदन में आखिर कौन से कुत्तों से परेशान होने की बात सामने आई? और सबसे बड़ा सवाल ये कि- कांग्रेस के अचानक उमड़े गौ प्रेम के पीछे का असल मकसद क्या है?
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