MP Teacher Latest News | Photo Credit: IBC24
बालाघाट: MP Teacher Latest News मध्यप्रदेश में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में पढ़ाने वाले करीब डेढ़ लाख शिक्षकों की नौकरी पर अब खतरा मंडराने लगा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर ऐसे शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी देने के निर्देश दिए हैं, जिनकी नियुक्ति शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले हुई थी। इस फैसले को लेकर बालाघाट के शिक्षकों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार साल 2009 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को अब अपनी नौकरी जारी रखने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। सरकार ने इसके लिए दो साल का समय दिया है। लोक शिक्षक संचालनालय ने अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों को चिन्हित कर उन्हें परीक्षा में शामिल होने की सूचना देने के निर्देश दिए हैं। संभावना है कि यह परीक्षा जुलाई–अगस्त में आयोजित की जा सकती है। यदि शिक्षक निर्धारित समय में यह परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ सकती है। हालांकि उन्हें नियमों के अनुसार टर्मिनल बेनिफिट्स दिए जाएंगे।
इधर इस फैसले को लेकर शिक्षकों में नाराजगी भी सामने आ रही है। बालाघाट के शिक्षकों का कहना है कि जिले में करीब चार हजार शिक्षक इस निर्णय से प्रभावित होंगे। उनका कहना है कि रिटायरमेंट के करीब शिक्षकों से परीक्षा लेना उनकी गरिमा के साथ खिलवाड़ है। वहीं आजाद अध्यापक संघ के पदाधिकारी आशीष बिसेन ने कहा कि प्रदेश सरकार को शिक्षकों के हित में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए थी। शिक्षक संगठनों ने इस मुद्दे पर बैठक कर आगे की रणनीति तय करने और जरूरत पड़ने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।