Rewa Land Encroachment Case: रीवा: रीवा में अब भू-माफियाओं की नजर सिर्फ सरकारी और खाली पड़ी जमीनों तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब शमशान और कब्रिस्तान की भूमि भी अतिक्रमणकारियों के निशाने पर आ गई है। ताजा मामला शहर के लगभग 200 साल पुराने घोघर कब्रिस्तान से जुड़ा हुआ है, जहां कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे और दस्तावेजों में कथित फेरबदल का आरोप सामने आया है।
Ghoghar Kabristan dispute: मुस्लिम समाज का क्या आरोप है ?
मुस्लिम समाज का आरोप है कि कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा करने के लिए रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया, दस्तावेजों में दुकानों का उल्लेख कर जमीन को खुर्द-बुर्द कर दूसरे लोगों के नाम चढ़ा दिया गया। समाज के लोगों का कहना है कि यह भूमि रीवा के महाराजा अजीत सिंह द्वारा कब्रिस्तान के लिए दी गई थी, जो वर्तमान में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है। समाज के लोगों के मुताबिक सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिन लोगों को इस जमीन की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उन्हीं पर भूमि पर अधिपत्य जमाने के आरोप लग रहे हैं।
cemetery land encroachment: मुस्लिम समाज के निजी फाउंडेशन ने पहल की
घोघर कब्रिस्तान की जमीन को अतिक्रमण से बचाने के लिए मुस्लिम समाज के निजी फाउंडेशन ने पहल की। इसी क्रम में शुक्रवार को समाज के वरिष्ठजनों और युवाओं के साथ हजारों की संख्या में लोग बेहद शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से हाथों में फूल लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां मुस्लिम समाज के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मुलाकात कर उन्हें फूल भेंट किए और पूरे मामले से अवगत कराया। समाज ने कब्रिस्तान की जमीन की निष्पक्ष जांच कर अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग उठाई। वहीं कलेक्टर ने समाज द्वारा दिए गए फूल स्वीकार करते हुए मामले की जांच कराने और उचित निराकरण का आश्वासन दिया है।