दीपक यादव, भोपाल: City GOVT forme from nationalism मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय के कुरूक्षेत्र में बदल गए हैं, जहां अब जनता की मूलभूत सुविधाओं और परेशानियों को छोड़कर दोनों दल खुद को राष्ट्रभक्त और दूसरे को देशद्रोही कह रहे हैं, तो कौन हैं देशभक्त और कौन है देशद्रोही?
City GOVT forme from nationalism एमपी में सत्ता का सेमीफाइनल माने जा रहे निकाय चुनाव में राष्ट्रवाद के मुद्दे की एंट्री भी हो गई। शिवराज सरकार में संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने निकाय चुनाव को देशभक्त और देशद्रोहियों के बीच बता दिया। उषा ठाकुर ने कांग्रेस पर न केवल 65 साल तक तुष्टिकरण कर देश की सामाजिक समरसता को भंग करने का आरोप लगाया बल्कि बीजेपी को देशभक्तों का दल बताया।
Read More: बाइक सवारों ने बीच सड़क पर फाड़े डांसरों के कपड़े, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल
उषा ठाकुर ने कांग्रेस को देशद्रोही करार देते हुए देश की साख दांव पर लगाने के लिए भी कठघरे में खड़ा किया है। मंत्री के बयान के बाद कांग्रेस भी हमलावर हई। बीजेपी को देशद्रोही नाथूराम गोडसे को महिमामंडित करने वाला पार्टी बताते हुए सवाल पूछा कि बीजेपी और RSS बताए कि उन्होंने देश के लिए क्या किया।
Read More: ज्ञानवापी मामला : केस की सुनवाई कर रहे सिविल जज रवि कुमार को मिली धमकी, बढ़ाई सुरक्षा
वैसे निकाय चुनाव शहरी जनता के समस्यायों और स्थानीय मुद्दों पर ही लड़ी जाती है। लेकिन उषा ठाकुर के बयान के निकाय की लड़ाई देशद्रोही और देशभक्ति के मुद्दे पर आ गई है। अब सवाल ये है कि क्या राष्ट्रवाद से बनेगी शहर की सरकार?
Read More: बंगाल की खाड़ी से आगे बढ़ा मानसून, मौसम विभाग ने इन राज्यों को दी भारी बारिश की चेतावनी