महिला आरक्षण की आड़ में ‘अवैज्ञानिक रूप से’ संसदीय सीटें बढ़ाने का प्रयास : रोहित पवार

Ads

महिला आरक्षण की आड़ में ‘अवैज्ञानिक रूप से’ संसदीय सीटें बढ़ाने का प्रयास : रोहित पवार

  •  
  • Publish Date - April 21, 2026 / 03:20 PM IST,
    Updated On - April 21, 2026 / 03:20 PM IST

पुणे, 21 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-शप) नेता रोहित पवार ने मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का प्रस्तावित परिसीमन अभ्यास नारी शक्ति वंदन अधिनियम की आड़ में संसद में सीटों की संख्या को “अवैज्ञानिक रूप से” बढ़ाने का एक प्रयास है।

पुणे में संवाददाताओं से मुखातिब रोहित ने कहा कि 2023 में विपक्ष सहित सभी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया था, जिसे लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पारित किया गया था। उन्होंने इस अधिनियम को परिसीमन अभ्यास से जोड़ने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार की मंशा पर सवाल उठाया।

रोहित ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक भाजपा की व्यापक परिसीमन योजना का “पूर्ववर्ती” था और पार्टी इसे उक्त कानून की आड़ में आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा, “भाजपा परिसीमन क्यों कराना चाहती है? उनके पास उठाने के लिए कोई और मुद्दा नहीं है, इसीलिए वे इस मुद्दे को उठा रहे हैं। महिलाओं को मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।”

रोहित ने 2023 में पारित विधेयक को निचले सदन में दोबारा पेश किए जाने की आवश्यकता पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने दावा किया, “इस बार भाजपा ने सांसदों की संख्या बढ़ाने का रास्ता साफ करने के लिए परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। सांसदों की संख्या को अवैज्ञानिक तरीके से बढ़ाने का प्रयास किया गया था, लेकिन विपक्ष ने इस कदम को विफल कर दिया और सरकार को मतदान में हार का सामना करना पड़ा।”

रोहित ने संशोधन विधेयकों को पेश किए जाने के समय को लेकर भी संदेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संसद में जिस तरह से यह मुद्दा उठाया गया है, उससे संकेत मिलता है कि सरकार 2029 में प्रस्तावित आम चुनावों को पहले कराने पर विचार कर रही है।

राकांपा (शप) सांसद ने 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे का भी जिक्र किया, जिसमें तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित पांच लोग मारे गए थे।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दिन में बारामती में मतदाताओं को संबोधित करेंगे। बारामती के लोग जानना चाहते हैं कि राज्य सरकार विमान हादसे की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को कब सौंपेगी? जांच की रफ्तार धीमी क्यों है? विमानन कंपनी वीएसआर वेंचर्स के संस्थापक वीके सिंह के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई है?”

रोहित ने दावा किया कि घटना की जांच कर रही महाराष्ट्र सीआईडी को इस मामले में बेंगलुरु में दर्ज शून्य प्राथमिकी की प्रति हासिल हुई है और उसने कहा है कि वह इस मामले के सिलसिले में पूछताछ करेगी, लेकिन कोई छानबीन नहीं करेगी।

भाषा पारुल मनीषा

मनीषा