मुंबई, छह अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने सोमवार को कहा कि अगर पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाती है तो वह बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव से हटने पर विचार करेगी।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अतुल लोंढे ने एक बयान में 23 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव को निर्विरोध कराने की मांग को खारिज किया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर ‘‘सुविधाजनक’’ राजनीतिक रुख अपनाने का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने रविवार को अपने राज्य सचिव आकाश मोरे को उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ बारामती उपचुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। यह उपचुनाव 28 जनवरी को इस निर्वाचन क्षेत्र में विमान दुर्घटना में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के तत्कालीन विधायक और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के कारण कराया जा रहा है।
अजित पवार ने पुणे जिले की इस सीट का आठ बार प्रतिनिधित्व किया था, जिनमें से कुछ जीत रिकॉर्ड मतों के अंतर से थीं।
विपक्षी राकांपा (शरदचंद्र पवार) और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने उपचुनाव को निर्विरोध कराने की अपील की है, जबकि कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह चुनाव लड़ेगी।
लोंढे ने कहा कि यदि बारामती में अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाती है, तो पार्टी और उसका उम्मीदवार चुनाव मैदान से हटने पर विचार करेंगे।
कांग्रेस नेता ने अजित पवार की मौत से जुड़ी परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके परिवार ने मामले की जांच की मांग की है और सुनेत्रा पवार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने यह भी बताया कि राकांपा (शप) के विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज कराने के कई प्रयास किए, लेकिन उन्हें सफलता केवल कर्नाटक में मिली।
लोंढे ने कहा कि किसी मौजूदा विधायक के निधन के बाद उपचुनाव को निर्विरोध कराने की कोई स्थायी परंपरा नहीं है।
उन्होंने नांदेड में वसंतराव चह्वाण की मौत के बाद हुए उपचुनाव और सोलापुर के मंगलवेढा में भारत भालके के निधन के बाद हुए उपचुनाव का उदाहरण दिया।
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और दावा किया कि सत्तारूढ़ पार्टी ऐसे मुद्दों पर अपने राजनीतिक हितों के अनुसार काम करती है।
भाषा गोला मनीषा
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