भिवंडी इमारत हादसा: गलत श्रेणी में डालने के कारण ‘खतरनाक’ इमारत में रहते रहे लोग
भिवंडी इमारत हादसा: गलत श्रेणी में डालने के कारण ‘खतरनाक’ इमारत में रहते रहे लोग
ठाणे, नौ अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे में एक खतरनाक इमारत के वर्गीकरण में हुई गंभीर प्रशासनिक चूक के कारण भिवंडी में चार मंजिला इमारत ढहने से 10 लोगों की मौत हो गई।
नगर निकाय के वरिष्ठ सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
ठाणे जिले के पावरलूम शहर भिवंडी के बालाजी नगर इलाके में कोहिनूर इमारत का एक हिस्सा 30 जुलाई की रात ढह गया था।
मुंबई से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित इस इमारत में 48 कमरे थे और प्रत्येक मंजिल पर 12 कमरे थे।
हादसे में तीन लोग घायल भी हुए थे।
भिवंडी निजामपुर शहर महानगर पालिका (बीएनएमसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्थानीय वार्ड अधिकारी ने इमारत का गलत वर्गीकरण किया था, जिसके कारण आवश्यक सुरक्षा उपायों में सीधे तौर पर देरी हुई।
उन्होंने बताया कि 12 मई, 2026 को जारी आधिकारिक सूची में वार्ड-04 में इस इमारत को ‘सी2बी’ श्रेणी में रखा गया था जिसके तहत बिना मकान खाली कराए संरचनात्मक मरम्मत की जा सकती है।
अधिकारी ने बताया कि वार्ड में 55 इमारतों को ‘सी-1’ श्रेणी में रखा गया था, जिन्हें सबसे खतरनाक मानते हुए खाली कराया जाना जरूरी था।
वहीं, 164 इमारतें ‘सी2ए’ श्रेणी में थीं, जिनमें आंशिक रूप से मकान खाली कराकर मरम्मत की जानी थी, जबकि 107 इमारतों को ‘सी2बी’ श्रेणी में रखा गया था।
एक अधिकारी ने बताया कि गलत श्रेणी में रखे जाने के कारण इमारत को तत्काल खाली कराने की जरूरत नहीं पड़ी और इसके बजाय निवासियों को वहीं रहने की अनुमति मिल गई।
उन्होंने बताया कि इसके बाद एक ठेकेदार ने नगर निकाय से अनुमति लिए बिना इमारत में मरम्मत का काम शुरू कर दिया।
अधिकारी ने बताया कि इमारत का गलत वर्गीकरण करने के अलावा स्थानीय अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों को भी गलत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पांच अगस्त को ठाणे के जिलाधिकारी श्रीकृष्ण पांचाल के साथ हुई बैठक के दौरान वार्ड के कर्मचारियों ने गलत तरीके से बताया कि इमारत ‘सी2ए’ श्रेणी में सूचीबद्ध थी और इस गलत जानकारी के कारण इमारत की वास्तविक जर्जर स्थिति सामने नहीं आ सकी तथा तत्काल कार्रवाई में देरी हुई।
पांचाल बीएनएमसी आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम आयुक्त छुट्टी पर चले गए हैं।
सूत्र ने बताया कि पांचाल ने भिवंडी में ‘सी-1’, ‘सी2ए’ और ‘सी2बी’ श्रेणियों के तहत आने वाली सभी इमारतों का व्यापक पुन: ऑडिट और पुन: वर्गीकरण करने का आदेश दिया।
सूत्रों के मुताबिक, गलत या लापरवाहीपूर्ण इमारत वर्गीकरण की जानकारी देने वाले महानगर पालिका अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और उनकी प्रत्यक्ष आपराधिक तथा प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाएगी।
भाषा जितेंद्र नरेश
नरेश

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