मुंबई, 25 जनवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अनंत गाडगिल ने हाल ही में हुए महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर तत्काल “आत्मावलोकन” करने का आह्वान किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अस्तित्व बनाए रखने के लिए पार्टी को अपने मूल कार्यकर्ताओं और ग्रामीण आधार से फिर से जुड़ना होगा।
गाडगिल ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस को ऐसे समय में आत्मावलोकन करने की जरूरत है जब राजनीतिक चर्चा भाजपा की जीत और सत्तारूढ़ महायुति के भीतर महापौर पदों को लेकर जारी आंतरिक कलह से प्रभावित है।
हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों में, वंचित बहुजन अघाडी (वीबीए), आरएसपी और आरपीआई (गवई) के साथ गठबंधन करने वाली कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से सबसे कम सीट हासिल कीं और 227 सदस्यीय बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) में केवल 24 सीट ही जीत पाई।
पूर्व विधायक ने एक बयान में नेतृत्व और जमीनी हकीकत के बीच “असंतुलन” का हवाला दिया।
उन्होंने कहा कि चिंता के चार प्रमुख क्षेत्र-वफादारों को दरकिनार करते हुए “पार्टी-बदलने वालों” को प्राथमिकता देना, विचारधारा पर “धन शक्ति” का बढ़ता प्रभाव, एक गैर-पारदर्शी उम्मीदवार चयन प्रक्रिया और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए चुनाव पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रमों का बंद होना- हैं।
गाडगिल ने कहा, “किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराने के बजाय, पार्टी को एक व्यापक आंतरिक संवाद में जुटना चाहिए।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महाराष्ट्र में तेजी से हो रहे शहरीकरण के साथ, कांग्रेस को ऐसे नेताओं को बढ़ावा देना चाहिए जो जनता का वास्तविक सम्मान और मध्यम वर्ग का समर्थन प्राप्त करते हों, और “धन एवं जाति” के पारंपरिक गणित से आगे बढ़कर काम करना चाहिए।
आगामी जिला परिषद चुनावों को देखते हुए, उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी के लिए ग्रामीण और किसान वोट बैंक को बरकरार रखना आवश्यक है।
उन्होंने नेतृत्व से राज्य में पार्टी के पुनरुद्धार के लिए एक कार्ययोजना तैयार करने के वास्ते ‘चिंतन शिविर’ आयोजित करने का आग्रह किया।
महाराष्ट्र में हुए 29 नगर निगम चुनावों में कांग्रेस ने 324 सीट जीतकर विपक्षी गठबंधन में बढ़त हासिल कर ली है, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा 1,425 सीटों के साथ काफी आगे है। 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायत चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को 2,431 सीट मिली हैं, जबकि कांग्रेस को 824 सीट मिली हैं।
भाषा प्रशांत नेत्रपाल
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