ठाणे, 18 मई (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने सोमवार को कल्याण स्टेशन पर रेलवे भर्ती बोर्ड के परीक्षार्थियों पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित हमले से संबंधित 2008 के एक मामले में 21 मई तक के लिए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
इस मामले में मनसे प्रमुख राज ठाकरे समेत आठ लोगों को आरोपी बनाया गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो आरोपियों की मौत हो गई।
अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की अंतिम दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिजीत कुलकर्णी ने मामले को 21 मई को आदेश के लिए सूचीबद्ध किया है।
ठाकरे और अन्य आरोपियों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता शैलेश साडेकर, सयाजी नागारे और शुभम कनाडे ने तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष का मामला ‘आधारहीन’ और विरोधाभासों से भरा हुआ था।
बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि न तो आरोपपत्र और न ही मौखिक साक्ष्य से कथित घटना स्थल पर राज ठाकरे की उपस्थिति साबित होती है।
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अभियोजन पक्ष उनके द्वारा कथित तौर पर दिए गए उकसाने वाले भाषणों का कोई सबूत पेश करने में विफल रहा है।
बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि अभियोजन पक्ष के गवाह भी कथित आरोपी की पहचान नहीं कर सके।
उन्होंने तर्क दिया कि हालांकि अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि लगभग 150 छात्र रेलवे परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन अदालत के समक्ष कोई प्रवेश पत्र, पहचान पत्र या संबंधित दस्तावेज पेश नहीं किए गए। भाषा
शुभम नरेश
नरेश