पुणे, 10 मई (भाषा) महाराष्ट्र के पुणे में कीर्तनकार संग्राम भंडारे और उसके समर्थकों के खिलाफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदपवार) के प्रवक्ता विकास लवांडे पर स्याही फेंकने के मामले में दंगा करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
स्याही फेंकने की घटना के बाद लवांडे ने रविवार को पुणे में राकांपा (शप) प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की और कहा कि उन्होंने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शनिवार को कीर्तनकार संग्राम भंडारे के नेतृत्व में कुछ लोगों के एक समूह ने लवांडे पर स्याही फेंकी और उन पर प्रमुख धर्म गुरुओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
हवेली तहसील के म्हाटोबाची आलंदी में हुई घटना के एक वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि भंडारे और उसके साथी लवांडे के पास जाकर उनके ‘‘घुसपैठिए’’ वाले बयान पर स्पष्टीकरण मांग रहे हैं।
पवार से मुलाकात के बाद लवांडे ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने लोनी कालभोर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा, “कल शरद पवार ने मुझे फोन कर मिलने के लिए बुलाया था। आज मैंने उनसे मुलाकात की और उन्होंने पूरी घटना की जानकारी ली। शरद पवार ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते को फोन किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने डीजीपी से मुझे पुलिस सुरक्षा देने का अनुरोध किया।”
लवांडे ने कहा, ‘‘पवार साहब ने पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार को भी फोन कर सख्त कार्रवाई करने को कहा। आज इस मुद्दे पर शरद पवार और देवेंद्र फडणवीस की मुंबई में बैठक होने वाली है। पवार साहब ने मुझसे संघर्ष जारी रखने को कहा है।’’
अधिकारियों ने बताया कि लवांडे की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भंडारे और उनके 10 से अधिक समर्थकों के खिलाफ दंगा, गैरकानूनी जमावड़ा, गलत तरीके से बंधक बनाने, मारपीट, आपराधिक धमकी और भारतीय न्याय संहिता की अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
लवांडे हाल ही में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, काली चरण, प्रदीप शर्मा और स्वामी आनंद स्वरूप जैसे धर्म गुरुओं के खिलाफ मुखर रहे हैं और उन्होंने इन आध्यात्मिक हस्तियों को भाजपा और आरएसएस द्वारा महाराष्ट्र में लाए गए उत्तर भारत के ‘‘घुसपैठिए’’ बताया था।
आरोप है कि भंडारे ने लवांडे को चेतावनी दी थी कि यदि उन्होंने इन आध्यात्मिक हस्तियों के खिलाफ बोलना जारी रखा तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
भाषा राखी शफीक
शफीक