मुंबई, तीन जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने किसानों पर वित्तीय बोझ कम करने और ऋण प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए दो लाख रुपये तक के कृषि और फसल ऋण से संबंधित दस्तावेजों पर स्टांप शुल्क माफ कर दिया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शनिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, ‘‘यह निर्णय किसानों द्वारा ऋण लेने के बावजूद अतिरिक्त वित्तीय बोझ का सामना करने की समस्या को देखते हुए लिया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राजस्व कानूनों और नियमों को सरल और जनहितैषी बनाने का निर्देश दिया है, जिसके अनुरूप यह निर्णय लिया गया है।’’
राजस्व और वन विभाग ने इस संबंध में एक जनवरी को सरकारी राजपत्र अधिसूचना जारी की। यह छूट उसी तिथि से प्रभावी हो गई है।
बावनकुले के अनुसार, अधिसूचना के मुताबिक दो लाख रुपये तक के ऋण के लिए आवश्यक कानूनी दस्तावेजों पर स्टांप शुल्क नहीं लगेगा, जिनमें स्वामित्व विलेख, जमा राशि, गिरवी और बंधक पत्र, गारंटी पत्र, बंधक विलेख और ऋण समझौते शामिल हैं।
पहले, फसल ऋण पर प्रति एक लाख रुपये पर 0.3 प्रतिशत की दर से स्टांप शुल्क लगता था, जिससे किसानों को दो लाख रुपये के ऋण पर लगभग 600 रुपये स्टांप शुल्क के रूप में चुकाने पड़ते थे। मंत्री ने कहा कि पूर्ण छूट से किसानों को राहत मिलेगी।
यह निर्णय पूरे राज्य में लागू होगा और सभी बैंकों पर बाध्यकारी होगा।
भाषा संतोष अविनाश
अविनाश