महायुति ने महाराष्ट्र को ‘डूबता राज्य’ बनाया, कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपकाल का हमला

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महायुति ने महाराष्ट्र को ‘डूबता राज्य’ बनाया, कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपकाल का हमला

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  • Publish Date - April 15, 2026 / 07:41 PM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 07:41 PM IST

मुंबई, 15 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बुधवार को भाजपा नीत महायुति सरकार पर महाराष्ट्र को ‘‘डूबता राज्य’’ बनाने का आरोप लगाया और कहा कि जनता इस ‘‘पाप’’ के लिए उसे माफ नहीं करेगी।

सपकाल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार मादक पदार्थों के खतरे को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने राज्य के लिए एक ‘‘पूर्णकालिक और सक्षम’’ गृह मंत्री की मांग की।

उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र एक ‘डूबता’ राज्य बन गया है और इसके लिए लोग सरकार को कभी माफ नहीं करेंगे।’’

सपकाल ने कहा कि मादक पदार्थों की आपूर्ति और इसका उपयोग अब केवल मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के छोटे शहरों और तहसीलों तक फैल गया है।

उन्होंने दावा किया कि गुजरात के कांडला बंदरगाह से महाराष्ट्र तक एक ‘मादक पदार्थ गलियारा’ इस अवैध व्यापार को बढ़ावा दे रहा है और इसे ‘‘राजनीतिक संरक्षण’’ प्राप्त है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार महाराष्ट्र को संकट की ओर धकेल रही है और राज्य की युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जा रही है।

सपकाल ने जनप्रतिनिधियों और मादक पदार्थ माफिया के बीच कथित सांठगांठ पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ऐसे संबंधों से समाज में गलत संदेश जाता है और अपराधियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई कमजोर पड़ती है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कई मामलों में आरोपियों को बचाने के लिए राजनीतिक नेताओं द्वारा सीधा हस्तक्षेप किया जा रहा है।

मुंबई के गोरेगांव में एक संगीत कार्यक्रम के बाद मादक पदार्थ की अत्यधिक मात्रा के सेवन से दो एमबीए छात्रों की संदिग्ध मौत का हवाला देते हुए सपकाल ने कहा कि पुलिस थाने के पास ऐसी घटनाएं होना पुलिस और गृह विभाग की विफलता है।

इसके लिए मुख्यमंत्री फडणवीस को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

मुख्यमंत्री फडणवीस के पास गृह मंत्रालय का प्रभार भी है।

भाषा सुमित नेत्रपाल

नेत्रपाल