मोहपाश जासूसी मामला: उच्च न्यायालय ने डीआरडीओ के पूर्व वैज्ञानिक की जमानत खारिज की

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मोहपाश जासूसी मामला: उच्च न्यायालय ने डीआरडीओ के पूर्व वैज्ञानिक की जमानत खारिज की

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  • Publish Date - April 15, 2026 / 06:37 PM IST,
    Updated On - April 15, 2026 / 06:37 PM IST

मुंबई, 15 अप्रैल (भाषा) मुंबई उच्च न्यायालय ने एक कथित पाकिस्तानी महिला खुफिया एजेंट को संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप में गिरफ्तार डीआरडीओ के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर की जमानत याचिका बुधवार को यह कहते हुए खारिज कर दी कि उन्होंने अंतरंग बातचीत के दौरान महत्वपूर्ण सूचनाएं दी थीं।

न्यायमूर्ति एस. जी. डिगे की पीठ ने यह भी कहा कि सेवानिवृत्त होने के बावजूद कुरुलकर कुछ गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं जो उनके अधीन काम करते थे और उनके फरार होने की भी आशंका है।

कथित मोहपाश जासूसी मामले में महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने डीआरडीओ की शिकायत के आधार पर तीन मई 2023 को कुरुलकर (60) को गिरफ्तार किया था।

आरोपी का दावा है कि जिस जानकारी को कथित पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी के साथ साझा किया गया, वह पहले से ही सार्वजनिक है। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि बातचीत में अत्यंत संवेदनशील रक्षा संबंधी सूचनाएं शामिल थीं।

जमानत याचिका खारिज करते हुए पीठ ने कहा कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में वरिष्ठ पद पर रहते हुए भी कुरुलकर एक वर्ष से अधिक समय तक पाकिस्तान की एक महिला अधिकारी के साथ अंतरंग बातचीत करते रहे और इस दौरान महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

भाषा खारी रंजन

रंजन