मुंबई, 25 जून (भाषा) मुंबई की एक अदालत ने लोकल ट्रेन में सह-यात्री पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या करने के आरोपी व्यक्ति को बृहस्पतिवार को 30 जून तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।
जांचकर्ताओं ने अदालत को बताया कि वारदात में इस्तेमाल हथियार अभी तक बरामद नहीं किया जा सका है।
मंगलवार रात बारिश के दौरान ट्रेन का दरवाजा खुला रखने को लेकर हुए विवाद के बाद सचिन सुवर्णा (30) नामक व्यक्ति ने मयंक लोहार (22) की अंधेरी और बोरीवली स्टेशन के बीच कथित तौर पर हत्या कर दी थी। यह वारदात प्रथम श्रेणी के डिब्बे में हुई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाश अभियान चलाया और बुधवार को सुवर्णा को पनवेल से गिरफ्तार कर लिया।
बोरीवली राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने बृहस्पतिवार को आरोपी को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया और उसकी सात दिनों की हिरासत मांगी।
पुलिस ने अदालत को बताया कि अपराध में इस्तेमाल हथियार बरामद करने, हत्या के पीछे के मकसद और आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड (यदि कोई हो) का पता लगाने के लिए उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है।
अधिकारियों ने कहा कि वे इस बात की भी जांच करना चाहते हैं कि क्या आरोपी और पीड़ित के बीच कोई पुरानी रंजिश थी, हालांकि प्रथम दृष्टया यह अपराध तात्कालिक बहस का नतीजा प्रतीत होता है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को 30 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक, चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन जैसे ही रात 10:42 बजे अंधेरी स्टेशन पर रुकी, लोहार और सुवर्णा के बीच बहस शुरू हो गई।
उनमें से एक चाहता था कि दरवाजा खुला रहे, जबकि दूसरे ने बारिश का हवाला देते हुए इस पर आपत्ति जताई।
बहस के दौरान, मुंबई हवाई अड्डे के सहार कार्गो कॉम्प्लेक्स में काम करने वाले सुवर्णा ने ‘सत्तू’ (एक धारदार हथियार) निकाला और लोहार के पेट तथा छाती पर कथित तौर पर कई वार किए।
अन्य यात्रियों के सामने ही लोहार खून से लथपथ होकर गिर गया, जबकि सुवर्णा बोरीवली स्टेशन पर ट्रेन से कूदकर फरार हो गया। बाद में सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसका पता लगाया गया।
भाषा सुमित पारुल
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