नासिक में प्याज किसानों, एमवीए नेताओं का खरीद मूल्य के खिलाफ प्रदर्शन, राजमार्ग अवरुद्ध किया

नासिक में प्याज किसानों, एमवीए नेताओं का खरीद मूल्य के खिलाफ प्रदर्शन, राजमार्ग अवरुद्ध किया

नासिक में प्याज किसानों, एमवीए नेताओं का खरीद मूल्य के खिलाफ प्रदर्शन, राजमार्ग अवरुद्ध किया
Modified Date: May 26, 2026 / 05:34 pm IST
Published Date: May 26, 2026 5:34 pm IST

नासिक, 26 मई (भाषा) महाराष्ट्र के नासिक जिले में मंगलवार को विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) नेताओं के नेतृत्व में कई प्याज किसानों ने सरकारी खरीद मूल्य के विरोध में प्रदर्शन किया और व्यस्त मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध कर दिया।

पुलिस ने चांदवाड कस्बे में ‘कांदा उत्पादक शेतकरी क्रांति महामोर्चा’ द्वारा यातायात बाधित किये जाने के बाद हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। कुछ आंदोलनकारियों ने राजमार्ग पर फंसे वाहनों के टायरों की कथित तौर पर हवा निकालने की भी कोशिश की।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता अंबादास दानवे और कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बैलगाड़ी पर बैठकर रैली का नेतृत्व किया, बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

प्रदर्शन के दौरान पवार ने कहा, “सरकार ने प्याज के लिए 1,580 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य घोषित किया है। किसान इससे अप्रसन्न हैं। उन्हें प्याज का 24 रुपये प्रति किलोग्राम का भाव मिलना चाहिए। सरकार हमारे आंदोलन से डरी हुई है। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य मंत्री बुधवार को दिल्ली जाएंगे। अब देखना होगा कि आगे क्या होता है।”

प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी किसानों के बीच ‘मेलोडी’ टॉफियां भी बांटी गईं। प्रदर्शनकारियों ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफियां भेंट की थीं, जिसके बाद पारले इंडस्ट्रीज के शेयर बढ़ गए। उन्हें प्याज भी भेंट करनी चाहिए ताकि उसके दाम भी बढ़ें।”

प्याज उत्पादकों ने प्याज के लिए 3,000 रुपये का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), बिक चुकी उपज पर 1,500 रुपये प्रति क्विंटल सब्सिडी, निर्यात प्रतिबंध वापस लेने तथा सहकारी संस्था नेफेड द्वारा प्याज खरीद में कथित भ्रष्टाचार की विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच की मांग की।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने दावा किया कि प्याज उत्पादकों को उनकी उपज के लिए केवल 200-300 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है। उन्होंने नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर किसानों के हितों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्याज खरीद की घोषणा के बावजूद राज्य सरकार ने खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं की है। साथ ही उन्होंने मांग की कि खरीद केवल कृषि उपज बाजार समितियों (एपीएमसी) के माध्यम से की जाए।

सपकाल ने कहा कि महंगाई के कारण खेती और किसानों का जीवन-यापन कठिन हो गया है, क्योंकि उन्हें अपनी उपज का गारंटीकृत मूल्य नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और महा विकास आघाडी (एमवीए) का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक प्याज किसानों को उनकी उपज का गारंटीकृत मूल्य नहीं मिल जाता।

भाषा अमित मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में