उप्र: बुलंदशहर में हुए तिहरे हत्याकांड में पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा

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उप्र: बुलंदशहर में हुए तिहरे हत्याकांड में पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा

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  • Publish Date - July 9, 2026 / 11:21 PM IST,
    Updated On - July 9, 2026 / 11:21 PM IST

बुलंदशहर, नौ जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले की एक अदालत ने 2010 में एक परिवार के तीन सदस्यों की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 1.04 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

अभियोजन पक्ष के वकील विमल कुमार ने बताया कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहम्मद नसीम ने बच्चू सिंह, सोनू, जयपाल, सतेंद्र और वीरेंद्र को दोषी ठहराया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, खुर्जा नगर थाना क्षेत्र के सीकरी गांव निवासी शिकायतकर्ता सुनीता ने 11 अक्टूबर, 2010 को शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया गया था कि वह अपने पति राजकुमार, देवर दुष्यंत और सास विद्या देवी के साथ धान की कटाई के बाद खेतों से घर लौट रही थी। कुमार ने शिकायतकर्ता के हवाले से बताया कि शाम करीब पांच बजे जब वे एक घर के सामने बरगद के पेड़ के पास पहुंचे, तभी कथित रूप से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन पर गोलियां चला दीं, जिससे राजकुमार, विद्या देवी और दुष्यंत की मौके पर ही मौत हो गई।

अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने जमीन के एक टुकड़े से जुड़े विवाद के कारण इस वारदात को अंजान दिया।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों की कथित तौर पर उस जमीन पर नजर थी और पीड़ित परिवार ने इसका विरोध किया था।

अभियोजन पक्ष ने बताया कि सुनीता वहां से बच निकलने में सफल रही और थाने में शिकायत दर्ज कराई।

उन्होंने बताया कि मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सभी पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 1.04 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

भाषा सं जफर जितेंद्र

जितेंद्र