मुजफ्फरनगर, नौ जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को पेपर प्लेट बनाने वाली एक फैक्टरी के मालिक को एक बंधुआ मजदूर की कथित हत्या के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस फैक्टरी से पिछले महीने 12 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक, मामले में मुख्य आरोपी फैक्टरी मालिक अंकित बालियान को हरियाणा की जेल से बी-वारंट पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता अग्रवाल की अदालत में पेश किया गया।
वह हरियाणा में शस्त्र अधिनियम के एक मामले में जेल में बंद है।
अभियोजन अधिकारी के. सी. मौर्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अदालत ने हत्या के मामले में बालियान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मौर्य ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले में बालियान की पेशी सुनिश्चित करने के लिए पहले अदालत से बी-वारंट प्राप्त किया था।
घटना के बाद से फरार चल रहे बालियान को हरियाणा पुलिस ने दो जुलाई को पलवल जिले में कथित रूप से अवैध हथियार रखने के लिए गिरफ्तार किया था और इसके बाद से वह पलवल जेल में बंद है।
मौर्य ने बताया कि पुलिस ने बालियान के खिलाफ दर्ज आरोप को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 से बदलकर धारा 103 कर दिया है, जिसमें हत्या से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
पुलिस ने 23 जून को तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव में पेपर प्लेट बनाने वाली फैक्टरी पर छापा मारकर वहां कथित तौर पर बंधक बनाए गए 12 मजदूरों को मुक्त कराया था।
पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि फैक्टरी में एक मजदूर की हत्या की गई थी। छापेमारी के तुरंत बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि बालियान फरार हो गया था।
पुलिस ने बताया कि बाद में उसे हरियाणा से गिरफ्तार किया गया।
भाषा सं जफर जितेंद्र
जितेंद्र