शिवसेना (उबाठा) नेता अनिल परब समेत 11 लोग बीएमसी अधिकारी पर हमले के मामले में बरी
शिवसेना (उबाठा) नेता अनिल परब समेत 11 लोग बीएमसी अधिकारी पर हमले के मामले में बरी
मुंबई, 30 जुलाई (भाषा) मुंबई की एक विशेष अदालत ने बृहस्पतिवार को शिवसेना (उबाठा) नेता अनिल परब और 10 अन्य लोगों को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक अधिकारी के साथ मारपीट और उन्हें धमकाने से संबंधित 2023 के मामले में बरी कर दिया।
सांसदों/विधायकों के मामलों के लिए विशेष न्यायाधीश महेश जाधव ने फैसला सुनाया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों का दोष बिना किसी उचित संदेह के साबित करने में विफल रहा।
विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) परब और अन्य पर भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों में एक लोक सेवक को उसके कर्तव्यों का पालन करने से रोकने के लिए आपराधिक बल का प्रयोग करना और ऐसा करने में मदद करना या लोगों को उकसाना शामिल था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 2023 में हुई थी जब परब के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) के कार्यकर्ता सांताक्रूज (पूर्व) वार्ड के अधिकारी के कक्ष में बैठक के लिए पहुंचे थे।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, परब ने अधिकारियों से शिवसेना की एक ‘शाखा’ को गिराने और छत्रपति शिवाजी महाराज तथा बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीरों को नष्ट करने के बारे में सवाल किए।
अभियोजन पक्ष का दावा है कि बाद में आरोपियों ने एक सहायक अभियंता को खींचा, उसे धक्का दिया और फिर थप्पड़ मारा। इसके अलावा समूह ने उसे धमकाया भी था।
भाषा संतोष सुरेश
सुरेश

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