मुंबई, 14 फरवरी (भाषा) शहर की एक विशेष अदालत ने महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और राकांपा (अजित पवार गुट) के नेता छगन भुजबल और उनके परिवार के खिलाफ 2021 में बेनामी अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले को बंद कर दिया है और उसका निपटारा कर दिया है।
सांसद और विधायकों के खिलाफ मामलों के लिए विशेष न्यायाधीश आर एन रोकडे ने बंबई उच्च न्यायालय के एक आदेश के मद्देनजर मामले को बंद कर दिया। उच्च न्यायालय ने कथित बेनामी लेनदेन को लेकर भुजबल और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आयकर विभाग की जांच को रद्द कर दिया था।
उच्च न्यायालय ने पिछले साल दिसंबर में खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री भुजबल, उनके बेटे पंकज और भतीजे समीर भुजबल के खिलाफ एक शिकायत को खारिज कर दिया था। यह शिकायत नासिक में गिरना शुगर मिल्स और मुंबई में संपत्तियों समेत तीन कंपनियों की कथित बेनामी संपत्तियों से जुड़ी थी।
उसने कहा था कि 2016 में संशोधित बेनामी लेनदेन (प्रतिबंध) अधिनियम का पूर्वगामी प्रभाव नहीं है।
भाषा वैभव माधव
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