किशोरी का अपहरण कर बनाया हवस का शिकार, अब सात साल तक सलाखों के पीछे कटेगी जिंदगी

महाराष्ट्र के ठाणे जिले की विशेष अदालत ने चार साल पहले भिवंडी में 17 वर्षीय एक किशोरी का कथित अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपी वाहन चालक

  •  
  • Publish Date - June 24, 2022 / 06:06 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:00 PM IST

ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले की विशेष अदालत ने चार साल पहले भिवंडी में 17 वर्षीय एक किशोरी का कथित अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपी वाहन चालक को दोषी ठहराते हुए सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

यह भी पढ़ें: Shamshera trailer out : KGF के अधीरा से भी खतरनाक विलन बने संजू, रणबीर कपूर तोड़ सकते है पुष्पा और विक्रम का रिकॉर्ड… 

विशेष न्यायाधीश वी.वी.वीरकर ने बच्चो को यौन अपराध से संरक्षण दिलाने वाले पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज मामले की सुनवाई करते हुए 21 जून को फैसला सुनाया। उन्होंने 30 वर्षीय दोषी चांदबाबू उर्फ साहिल मुस्तकीम अली शाह पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

यह भी पढ़ें: Eknath Shinde Story: बेटा-बेटी की मौत देख छोड़ चुके थे राजनीति, ऑटो चालक से लेकर उद्धव की कुर्सी हिलाने तक एकनाथ शिंदे की पूरी कहानी…IBC Pedia में 

विशेष लोक अभियोजक रेखा हिवराले ने अदालत को बताया कि आरोपी और 17 वर्षीय पीड़िता भिवंडी के नगांव स्थित एक ही मोहल्ले में रहते थे। उन्होंने बताया कि आरोपी पीड़िता के घर के सामने रहता था और तेज आवाज पर संगीत बजाने पर पीड़िता की मां ने आपत्ति जताई थी।

यह भी पढ़ें: 7th Pay Commission: अगले महीने सरकारी कर्मचारियों के हाथ आएगी मोटी सैलरी, इतने का होगा फायदा 

हिवराले ने बताया कि नौ जुलाई 2018 को आरोपी ने पीड़िता का अपहरण किया और उसे अपनी कार से दूर ले गया जहां फिर उसका यौन उत्पीड़न किया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा- 363(अपहरण), 366 (अपहरण) और 376 (दुष्कर्म) के अलावा पॉक्सो अधिनियम के तहत भी दोषी ठहराया गया है।