महिला एवं बाल विकास योजनाओं पर डीपीसी को आवंटित राशि का तीन फीसदी खर्च होगा : यशोमति ठाकुर

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महिला एवं बाल विकास योजनाओं पर डीपीसी को आवंटित राशि का तीन फीसदी खर्च होगा : यशोमति ठाकुर

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  • Publish Date - January 12, 2022 / 08:28 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:49 PM IST

मुंबई, 12 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने जिला योजना समितियों (डीपीसी) को आवंटित कुल राशि का तीन प्रतिशत महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आवंटित करने का फैसला किया है। राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमति ठाकुर ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में इन कल्याणकारी योजनाओं को अब डीपीसी से कुल 468 करोड़ रुपये की धनराशि मिलेगी।

ठाकुर ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने यहां अपनी साप्ताहिक बैठक में इस आशय का निर्णय लिया।

कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिला वार्षिक योजना के तहत अब से तीन प्रतिशत राशि हर जिले में महिलाओं और बच्चों के सशक्तीकरण के लिए निर्धारित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अब इस निर्णय के परिणामस्वरूप राज्य सरकार द्वारा डीपीसी को किए गए 15,622 करोड़ रुपये के आवंटन में से लगभग 468 करोड़ रुपये महिला और बाल विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।

सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के विभिन्न जिला स्तरीय कार्यालयों को एक छत के नीचे लाने का निर्णय लिया है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास भवन निर्माण के लिए प्रत्येक जिले में कलेक्ट्रेट के माध्यम से भूमि उपलब्ध करायी जायेगी।

ठाकुर ने कहा कि इन भवनों के निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि सीधे लोक निर्माण विभाग को डीपीसी के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।

मंत्री ने कहा, ‘‘महिलाओं और बच्चों के सशक्तीकरण को सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर महिला और बाल विकास भवनों का निर्माण किया जाएगा। इस योजना में सरकार द्वारा संचालित भिखारियों के आश्रय स्थलों का निर्माण, ऐसे मौजूदा आश्रयों का रखरखाव और निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों और देवदासियों के पुनर्वास के लिए सुविधाओं का निर्माण भी शामिल होगा।’’

भाषा

सुरेश उमा

उमा