Nag Panchami Vrat Katha: नाग पंचमी की पूजा होगी अधूरी अगर नहीं पढ़ी ये कथा! पाठ करते ही दूर होंगे संकट और बरसेगी भोलेनाथ की कृपा

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Nag Panchami Vrat Katha: नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा के साथ उनकी पौराणिक कथा सुनना भी बहुत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दि श्रद्धा से कथा का पाठ करने से नाग देवता प्रसन्न होते हैं और कालसर्प दोष से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलती है।

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  • Publish Date - August 17, 2026 / 10:51 AM IST,
    Updated On - August 17, 2026 / 10:54 AM IST

(Nag Panchami Vrat Katha/ Image Credit: IBC24 News)

HIGHLIGHTS
  • नाग पंचमी: 17 अगस्त 2026।
  • खास संयोग: सावन का तीसरा सोमवार।
  • पूजा मुहूर्त: सुबह 5:51 से 8:29 बजे तक।

Nag Panchami Vrat Katha: नाग पंचमी हिंदू धर्म में पवित्र और शुभ माना जाता है। इस बार इसका महत्व और बढ़ गया है क्योंकि आज 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी के साथ सावन का तीसरा सोमवार भी पड़ रहा है। सोमवार भगवान शिव को समर्पित है। जबकि नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा की जाती है। ऐसे मं एक ही दिन दोनों की आराधना करने से भक्तों को (Nag Panchami Vrat Katha) विशेष पुण्य मिलने की धार्मिक मान्यता है। इस दिन भगवान शिव और नाग देवता की पूजा की जाती है।

नाग पंचमी पर कथा सुनने का महत्व

नाग पंचमी के दिन पूजा और व्रत के साथ नाग पंचमी की कथा पढ़ना या सुनना (Nag Panchami Vrat Katha) भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा से कथा का पाठ करने से नाग देवता प्रसन्न होते हैं और कालसर्प दोष से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलती है। इसलिए व्रत रखने वाले भक्त पूजा के बाद कथा का पाठ जरूर करते हैं।

राजा जन्मेजय और आस्तिक मुनि की कथा

नाग पंचमी की प्रमुख पौराणिक कथा महाभारत काल से जुड़ी है। राजा परीक्षित की मृत्यु तक्षक नाग के डसने से हुई थी। इसके बाद उनके पुत्र राजा जन्मेजय ने सभी नागों का नाश करने के लिए सर्प सत्र यज्ञ शुरू किया। यज्ञ की शक्ति से नाग अग्निकुंड में गिरने लगे। तभी आस्तिक मुनि ने यज्ञ को रुकवाकर नाग वंश की रक्षा की। मान्यता है कि यह घटना श्रावण शुक्ल पंचमी को हुई थी। तभी से नाग पूजा की परंपरा चली आ रही है।

भाई-बहन से जुड़ी लोककथा

नाग पंचमी से जुड़ी एक अन्य लोककथा सात बहुओं वाले किसान परिवार की है। छोटी बहू बेहद दयालु थी। एक दिन खेत में मिट्टी खोदते समय नाग के बच्चे दिखाई दिए। उसने उनकी रक्षा की। उसकी दया से प्रसन्न होकर नाग माता ने उसे आशीर्वाद दिया और संकट के समय उसके परिवार की रक्षा का वचन दिया। इसी मान्यता के चलते नाग पंचमी पर नाग पूजा (Nag Panchami Vrat Katha) को भाई-बहन की रक्षा से भी जोड़ा जाता है।

नाग पंचमी 2026 का शुभ मुहूर्त

इस साल नाग पंचमी आज 17 अगस्त 2026 को मनाई जा रही है। पंचमी तिथि 16 अगस्त शाम 4:52 बजे शुरू होकर 17 अगस्त शाम 5:00 बजे समाप्त होगी। पूजा का शुभ समय सुबह 5:51 बजे से 8:29 बजे तक रहेगा। भक्त इस दौरान भगवान शिव और नाग देवता की विधि-विधान से पूजा कर सकते हैं।

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नाग पंचमी 2026 कब मनाई जा रही है?

नाग पंचमी का पर्व 17 अगस्त 2026, सोमवार को मनाया जा रहा है।

इस बार नाग पंचमी का महत्व क्यों बढ़ गया है?

इस दिन नाग पंचमी के साथ सावन का तीसरा सोमवार भी पड़ रहा है, जिससे यह संयोग धार्मिक रूप से विशेष माना जा रहा है।

नाग पंचमी की पूजा का शुभ समय क्या है?

पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5:51 बजे से 8:29 बजे तक बताया गया है।

नाग पंचमी की कथा पढ़ने का क्या महत्व है?

मान्यता है कि नाग पंचमी पर कथा पढ़ने या सुनने से नाग देवता प्रसन्न होते हैं और कालसर्प दोष से जुड़ी परेशानियों से राहत मिल सकती है।