Home » Religion » Today's Panchang: With the blessings of Lord Bhairava, abstinence is good! Learn why you should avoid auspicious activities on Kalashtami today?
Aaj Ka Panchang: भैरव देव का आशीर्वाद, परहेज में भलाई! जानें क्यों आज कालाष्टमी पर अवॉइड करें शुभ कार्य?
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आज मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष अष्टमी को काल भैरव जयंती और कालाष्टमी मनाई जाती है। यह दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव को समर्पित है। भैरवनाथ की पूजा करने से भय दूर होता है और समय पर नियंत्रण मिलता है।
Aaj Ka Panchang: आज मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि है, जिसे भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव को समर्पित माना जाता है। इस दिन को काल भैरव जयंती और कालाष्टमी दोनों रूपों में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भैरवनाथ की पूजा करने से भय से मुक्ति मिलती है और समय पर नियंत्रण प्राप्त होता है।
शुभ कार्यों से बचें
ज्योतिष के अनुसार, यह तिथि किसी भी शुभ कार्य, नई शुरुआत या मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए उपयुक्त नहीं मानी जाती। इसलिए आज बड़े निर्णय, नई योजनाओं या निवेश में जल्दबाजी करने से बचना चाहिए।
आज का पंचांग (12 नवंबर 2025)
विक्रम संवत: 2081
मास: मार्गशीर्ष
पक्ष: कृष्ण पक्ष अष्टमी
दिन: बुधवार
तिथि: कृष्ण पक्ष अष्टमी
योग: शुक्ल
नक्षत्र: अश्लेषा
करण: बलव
चंद्र राशि: कर्क
सूर्य राशि: तुला
सूर्योदय: 06:50 बजे
सूर्यास्त: 17:56 बजे
चंद्रोदय: 12:22 बजे
चंद्रास्त: 13:09 बजे
राहुकाल और वर्जित समय
राहुकाल: 12:23 – 13:46 बजे
यमगंड: 08:13 – 09:37 बजे
इन समयावधियों में किसी भी शुभ कार्य, यात्रा या आर्थिक निर्णय से बचना चाहिए।
नक्षत्र फल और प्रभाव
आज चंद्रमा कर्क राशि में और अश्लेषा नक्षत्र में रहेंगे।
अश्लेषा नक्षत्र का स्वामी बुध और देवता सर्प हैं।
यह नक्षत्र तांत्रिक, रणनीतिक, गूढ़ और शत्रु-विजय संबंधी कार्यों के लिए अनुकूल है।
लेकिन विवाह, गृह प्रवेश, संतान-संबंधी कार्य या नया व्यापार शुरू करने के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।
यह मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को मनाई जाती है।
इस दिन पूजा करने का महत्व क्या है?
भैरवनाथ की पूजा करने से भय से मुक्ति मिलती है और समय पर नियंत्रण प्राप्त होता है।
आज कौन-कौन से शुभ कार्य नहीं करने चाहिए?
नई योजनाओं की शुरुआत, बड़ी आर्थिक डील, निवेश या मेडिकल सर्जरी जैसी गतिविधियाँ टालनी चाहिए।
आज का नक्षत्र और इसके प्रभाव क्या हैं?
चंद्रमा कर्क राशि में और अश्लेषा नक्षत्र में हैं। यह नक्षत्र तांत्रिक, रणनीतिक और शत्रु-विजय कार्यों के लिए अनुकूल है, लेकिन नए व्यवसाय या विवाह के लिए नहीं।