Vasudha: घर में छिपा है आस्तीन का साँप! सतीश का आना बनेगा वसुधा के लिए काल.. क्या शुरू होने से पहले ही ख़त्म हो जाएगा, वसुधा का कारोबार?

Vasudha: 'वसुधा' के आज के एपिसोड में, वसुधा के बढ़ते हुए अचार के कारोबार पर काले बादल मंडराने लगते हैं। किन्तु, इस बार दुश्मन बाहर नहीं बल्कि चौहान परिवार के भीतर ही छिपा है..

Vasudha: घर में छिपा है आस्तीन का साँप! सतीश का आना बनेगा वसुधा के लिए काल.. क्या शुरू होने से पहले ही ख़त्म हो जाएगा, वसुधा का कारोबार?

Vasudha 4 June 2026/Image Credit: ScreenGrab / Youtube / @TellyChakkar

Modified Date: June 4, 2026 / 07:50 pm IST
Published Date: June 4, 2026 7:49 pm IST
HIGHLIGHTS
  • चौहान खानदान की इज्जत होगी नीलाम!
  • सतीश की एंट्री से पलटी बाज़ी!

Vasudha: ‘ZEE TV’ का सबसे पसंदीदा शो वसुधा के आज के एपिसोड में, वसुधा के बढ़ते हुए अचार के कारोबार पर काले बादल मंडराने लगते हैं। किन्तु, इस बार दुश्मन बाहर नहीं बल्कि चौहान परिवार के भीतर ही छिपा है।

Vasudha Upcoming Twist: सारिका चलेगी घिनौनी चाल !

हर तरफ वसुधा की तारीफ़ और उसकी कामयाबी, सारिका की आँखों में चुभने लगती है। चौहान परिवार का हर सदस्य, वसुधा का बिज़नेस आगे बढ़ाने में उसकी मदद कर रहा है, यह सारिका से बर्दाश्त नहीं होता और तभी वह एक घिनौनी चाल चलती है और अचार के जारों के साथ छेड़छाड़ करती है। वसुधा का कारोबार शुरू होने से पहले ही उसकी इज़्ज़त को मिट्टी में मिलाने के लिए, वह अचार के जारों में ज्यादा नमक मिला देती है।

सारिका मन ही मन मुस्कुराती है क्योंकि उसे यकीन होता है कि एक ख़राब डिलीवरी, वसुधा के बिज़नेस को ख़त्म करने के लिए काफी है। वह यह सोचकर खुश होती है कि जब गुस्से में ग्राहक, वसुधा को सामान वापस देंगे, तो सबके सामने वसुधा की सच्चाई आ ही जाएगी और चन्द्रिका को भी एहसास हो जाएगा कि वसुधा बिज़नेस सँभालने के लायक ही नहीं है।

खतरे से अनजान देव और वसुधा!

उसी दौरान सारिका की साजिश से अनजान, देव और वसुधा सतीश के पास अचार की डिलीवरी लेकर पहुँचते हैं। ग्राहक अचार के डिब्बों को देखकर खुश होता है और अचार की खुशबू की तारीफ़ भी करता है। जिससे वसुधा का हौंसला और भी बढ़ जाता है तथा उसकी आँखों में उम्मीद जाग उठती है कि उसकी मेहनत आखिरकार सफल हो रही है।

Vasudha 4th June 2026 written update: कहानी में आया दिलचस्प मोड़!

किन्तु, असली ड्रामे की शुरुआत तो तब होती है जब सतीश अचानक चौहान निवास पहुँच जाता है। उसे देख सारिका मन ही मन उछल पड़ती है और सोचने लगती है कि वह पक्का ख़राब अचार की शिकायत करने ही आया है। वह कल्पना करने लगती है कि अब कैसे सतीश, वसुधा को सबके सामने ज़लील करेगा और पैसे वापस मांगेगा..

सारिका के आँखों की चमक और तमाशे को देखने की बेताबी बढ़ती ही जा रही है, किन्तु कहानी का अगला मोड़ उसकी उम्मीदों पर पानी फेर सकता है। सतीश का चौहान निवास में आना वसुधा की जगह, सारिका के लिए काल साबित हो सकता है। सोचिए! यदि सतीश अचार की तारीफ़ करता है या कोई नया आर्डर देता है तो सारिका का यह वार, खुद उसी पर पलट सकता है।

देव का विश्वास बना वसुधा की ताक़त!

इस दौरान, देव और वसुधा का प्यार और गहरा होता नज़र आएगा, क्योंकि देव साए की तरह वसुधा के सपनों के साथ खड़ा है। जहां एक ओर, सारिका उनके खिलाफ साजिशें रच रही है वही दूसरी ओर, देव का अटूट विश्वास वसुधा की सबसे बड़ी ताकत बन जाता है।

अब सवाल तो यह उठता है कि क्या सतीश का चौहान निवास आना, सारिका के लिए बनेगा काल? या फिर सारिका का गुनाह सामने आने से पहले ही वह कोई और समस्या खड़ी कर देगी?

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लेखक के बारे में

Swati Shah, Since 2023, I have been working as an Executive Assistant at IBC24, No.1 News Channel in Madhya Pradesh & Chhattisgarh. I completed my B.Com in 2008 from Pandit Ravishankar Shukla University, Raipur (C.G). While working as an Executive Assistant, I enjoy posting videos in the digital department.