एआईएफएफ ने महिला टीम की कोच वाल्वेर्दे का करार आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया

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एआईएफएफ ने महिला टीम की कोच वाल्वेर्दे का करार आगे नहीं बढ़ने का फैसला किया

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 09:55 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 09:55 PM IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने मंगलवार को भारतीय महिला फुटबॉल टीम की मुख्य कोच अमेलिया वाल्वेर्दे का अनुबंध आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया।

यह फैसला तकनीकी समिति की सिफारिश के बाद लिया गया, जिसकी अध्यक्षता पूर्व दिग्गज आई.एम. विजयन ने की।

तकनीकी समिति ने सिफारिश की कि सीनियर भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच पद के लिए भारतीय कोचों पर विचार किया जाए। समिति के अन्य सदस्यों में हरजिंदर सिंह, शब्बीर अली, विक्टर अमलराज, क्लाइमैक्स लॉरेंस और संतोष सिंह शामिल थे।

भारतीय टीम हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित एएफसी महिला एशियाई कप में बिना जीत के लौटी थी। टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों को खराब फिटिंग वाली जर्सी दिए जाने का विवाद भी सामने आया था, जिसे बाद में बदला गया। वाल्वेर्दे को जनवरी में इस टूर्नामेंट के लिए तीन महीने के अल्पकालिक अनुबंध पर नियुक्त किया गया था।

एआईएफएफ ने अपने बयान में कहा, “तकनीकी समिति ने अमेलिया वाल्वेर्दे को एएफसी महिला एशियाई कप में भारतीय टीम का नेतृत्व करने के लिए धन्यवाद दिया और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।”

सूत्रों के अनुसार, समिति अमेलिया के कार्यकाल के दौरान टीम के प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं थी।

समिति ने कहा कि अप्रैल में होने वाली फीफा अंतरराष्ट्रीय विंडो और जून में प्रस्तावित सैफ महिला चैंपियनशिप को देखते हुए यह भारतीय कोच को जिम्मेदारी सौंपने का उपयुक्त अवसर है। एआईएफएफ ने स्पष्ट किया कि इस पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा।

नए कोच की नियुक्ति जल्द करना जरूरी है, क्योंकि भारतीय टीम को 11 अप्रैल को नैरोबी में फीफा सीरीज 2026 के सेमीफाइनल में केन्या का सामना करना है।

यह घटनाक्रम एआईएफएफ महिला समिति प्रमुख वालंका एलेमाओ द्वारा लगाए गए आरोपों के एक दिन बाद सामने आया है।

उन्होंने तकनीकी समिति पर प्रक्रियागत खामियों का आरोप लगाते हुए कहा था कि इन्हीं के कारण एशियाई कप अभियान के दौरान कई गंभीर गलतियां हुईं, जिनमें खराब फिटिंग वाली जर्सी का मामला भी शामिल है।

उन्होंने एआईएफएफ अध्यक्ष कल्याण चौबे को लिखे पत्र में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और वाल्वेर्दे की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए थे।

भाषा आनन्द

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