अश्विन लगातार अपने अंदर नयापन ला रहा है: लक्ष्मण

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अश्विन लगातार अपने अंदर नयापन ला रहा है: लक्ष्मण

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  • Publish Date - March 2, 2021 / 07:18 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:00 PM IST

मुंबई, दो मार्च (भाषा) भारत के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने कहा है कि रविचंद्रन अश्विन काफी सोच-विचार करने वाले क्रिकेटर हैं जो लगातार अपने अंदर नयापन लाते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस अनुभवी आफ स्पिनर की सफलता में तैयारी की अहम भूमिका है।

अश्विन अहमदाबाद में दिन-रात्रि टेस्ट के दौरान जोफ्रा आर्चर को आउट करके टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट के आंकड़े को छूने वाले चौथे भारतीय गेंदबाज बने। भारत ने यह टेस्ट दो दिन के भीतर 10 विकेट से जीता।

चौंतीस साल के अश्विन ने श्रीलंका के महान आफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन के बाद सबसे कम मैचों में यह उपलब्धि हासिल की।

भारत के लिए 134 टेस्ट खेलने वाले लक्ष्मण ने स्टार स्पोर्ट्स के शो ‘क्रिकेट कनेक्टेड’ पर कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वह (अश्विन) काफी समझदार व्यक्ति है। जब आप शीर्ष स्पर पर खेल रहे होते हैं तो सिर्फ आपका कौशल मायने नहीं रखता, आपकी तैयारी, योजना और इसे अमलीजामा पहनाना भी काफी महत्वपूर्ण होता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह पता करता है कि बल्लेबाज की कमजोरियां क्या हैं। वह उसे आउट करने की योजना बनाता है और मुझे लगता है कि यही कारण है कि वह अपने आप में नयापन ला रहा है।’’

अपनी बात को साबित करने के लिए लक्ष्मण ने भारत के हाल के आस्ट्रेलिया दौरे पर अश्विन के खिलाफ स्टीव स्मिथ के परेशान होने का उदाहरण दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने हाल में आस्ट्रेलिया श्रृंखला में देखा कि उसने (अश्विन ने) स्टीव स्मिथ जैसे दिग्गज को भी कैसे परेशान किया और यह चीज अश्विन या किसी अन्य चैंपियन खिलाड़ी को विशेष बनाती है, यह कि वह सर्वश्रेष्ठ बनना चाहता है और सर्वश्रेष्ठ के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करना चाहता है।’’

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने भी अश्विन की तारीफ करते हुए कि वह देश के सबसे बड़े मैच विजेता खिलाड़ियों में से एक हैं।

चोपड़ा ने कहा, ‘‘400 टेस्ट विकेट के लिए 78 टेस्ट मैच। उसने अब तक शानदार कौशल दिखाया है और एक गेंदबाज के रूप में प्रगति कर रहा है, वह काफी विकेट हासिल कर रहा है। मुझे लगता है कि वह रॉकस्टार है। वह भारत के अब तक के सबसे बड़े मैच विजेता में शामिल है, बेशक अनिल कुंबले नंबर एक रहेंगे। ’’

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द