Bangladesh Boycotts T20 World Cup 2026 || Image- ESPN Cricket File
ढाका: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से भारत में होने वाले आगामी टी20 विश्व कप का बहिष्कार करने और बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने की अपील की है। (Bangladesh Boycotts T20 World Cup 2026) इस तरह पाकिस्तान लगातार बांग्लादेश को भारत के खिलाफ उकसाने की कोशिश करता नजर आ रहा है।
वहीं, अगर सुरक्षा चिंताओं के चलते बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) अपने खिलाड़ियों को भारत नहीं भेजता है, तो उसे 20 टीमों के इस टूर्नामेंट से बाहर किए जाने का खतरा है। बुधवार को क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था आईसीसी ने एक बयान जारी कर कहा कि मूल कार्यक्रम का पालन किया जाएगा और बांग्लादेश की श्रीलंका में मैच ट्रांसफर करने की मांग स्वीकार नहीं की जाएगी। बीसीबी को अपनी सरकार से बात करने और टूर्नामेंट में भाग लेने को लेकर अंतिम निर्णय लेने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया था। हालांकि, अब जो खबरें सामने आ रही हैं, उनके मुताबिक बांग्लादेश टी-20 विश्वकप का हिस्सा नहीं होगा।
लतीफ ने एक यूट्यूब चैनल पर कहा, “अगर पाकिस्तान और भारत के साथ मैच नहीं होता है, तो आपका 50 प्रतिशत विश्व कप बेकार हो जाएगा। यह मौजूदा क्रिकेट व्यवस्था को चुनौती देने का एक शानदार अवसर है।” (Bangladesh Boycotts T20 World Cup 2026) उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तान को यह कहना चाहिए कि वह बांग्लादेश के साथ खड़ा है और टी20 विश्व कप खेलने से इनकार कर देना चाहिए। यही सही समय है कि हम एक मजबूत रुख अपनाएं। इसके लिए दृढ़ निश्चय की जरूरत है।”
उन्होंने कहा, “यह सही फैसला नहीं लगता। आज आईसीसी का कहना है कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को कोई खतरा नहीं है। दुनिया की कोई भी एजेंसी यह नहीं कह सकती कि कोई खतरा नहीं है, तो आईसीसी यह कैसे कह सकती है? यहां तक कि सबसे सुरक्षित जगहों पर भी कोई ऐसी गारंटी नहीं दे सकता। उम्मीद है कि किसी भी टीम को कोई नुकसान न हो।”
इस विवाद के बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने गुरुवार को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की टी20 विश्व कप मैचों को भारत से बाहर कराए जाने की मांग की आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान पड़ोसी देश का इस्तेमाल दरार पैदा करने के लिए कर रहा है। (Bangladesh Boycotts T20 World Cup 2026) सांसद ने कहा कि हालांकि आईसीसी पहले ही इस अनुरोध को खारिज कर चुकी है, लेकिन केवल पाकिस्तान ही इस मामले पर बांग्लादेश के रुख का समर्थन करने के लिए आगे आया है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “आईसीसी ने बांग्लादेश की मैच बाहर खेलने की मांग को खारिज कर दिया है। बोर्ड में मौजूद सभी समिति सदस्यों में से केवल पाकिस्तान ने ही उनका समर्थन किया है, किसी और ने नहीं। यह साफ दिखाई देता है कि पाकिस्तान बांग्लादेश का इस्तेमाल कर रहा है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं; उस पर प्रतिक्रिया देने के बजाय वे क्रिकेट की बात कर रहे हैं। बल्कि, हमें आईसीसी से यह कहना चाहिए था कि जब तक ये लोग अपनी हरकतें बंद नहीं करते, तब तक हम न तो पाकिस्तान की टीम चाहते हैं और न ही बांग्लादेश की टीम। इस समय आईसीसी ने जो भी कहा है, बांग्लादेश को उसका पालन करना होगा।”
दरअसल, बांग्लादेश में जारी सांप्रदायिक हिंसा के बीच दर्जनों हिंदू परिवारों के साथ ज्यादती की गई। बांग्लादेश के इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा लक्षित हमले किए गए, जिनमें कई हिंदू लोगों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई। इसी के विरोध में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल के लिए केकेआर की टीम से बाहर कर दिया गया था। रहमान को आईपीएल में शामिल नहीं करने की मांग लगातार की जा रही थी।
मुस्तफिजुर को बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेश ने कड़ा रुख अख्तियार किया और विश्वकप के लिए भारत आने पर सुरक्षा कारणों का हवाला देने लगा। (Bangladesh Boycotts T20 World Cup 2026) इस बीच पाकिस्तान ने भी बांग्लादेश को उकसाया।
ऐसे में अगर बांग्लादेश आधिकारिक तौर पर टी-20 विश्वकप टूर्नामेंट से बाहर रहने का फैसला करता है, तो इस स्थिति में ग्रुप में खाली जगह को भरने के लिए स्कॉटलैंड की टीम को विश्वकप में एंट्री मिल सकती है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी को ही लेना होगा।
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