आईपीएल में कौशल से ज्यादा आत्मविश्वास अहम: चाहर

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आईपीएल में कौशल से ज्यादा आत्मविश्वास अहम: चाहर

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 09:17 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 09:17 PM IST

…अमित आनंद…

नयी दिल्ली, चार अप्रैल (भाषा) मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली करारी शिकस्त के बाद युवा बल्लेबाज समीर रिजवी की तारीफ करते हुए कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में सफलता के लिए कौशल से ज्यादा आत्मविश्वास की जरूरत होती है। रिजवी की 51 गेंद में 90 रन की विस्फोटक पारी की मदद से दिल्ली कैपिटल्स ने 163 रन के लक्ष्य को 18.1 ओवर में हासिल कर लिया। चाहर ने मैच के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मैच में बाद में बल्लेबाजी के लिए परिस्थितियां थोड़ी आसान हो गई थीं। चाहर ने कहा कि आईपीएल जैसे बड़े मंच पर आत्मविश्वास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।उन्होंने रिजवी की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘उसमें काफी संभावनाएं हैं। अनुभव के साथ उसका खेल और बेहतर हुआ है। आईपीएल के खिलाड़ियों में कौशल की कमी नहीं होती है, लेकिन ऐसे बड़े मंच पर आत्मविश्वास ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘रिजवी के पास प्रतिभा की कभी कमी नहीं थी। चेन्नई सुपरकिंग्स ने कुछ साल पहले उसके लिए बड़ी रकम खर्च की थी। अनुभव के साथ उसका आत्मविश्वास बढ़ा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस मुकाबले में टॉस की भूमिका अहम थी। शुरुआती समय में पिच पर नमी मौजूद थी, जिससे बल्लेबाजी करना थोड़ा कठिन था। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, पिच सूखने लगी और बल्लेबाजी आसान होती चली गई।’’ चाहर ने कहा कि दिन के मैच में 160 रन के आसपास के लक्ष्य का बचाव करना कभी आसान नहीं होता। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम शुरुआती 10 ओवरों में अधिक विकेट लेने में सफल रहते तो मुकाबला रोमांचक हो सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गेंदबाजों के लिए लगातार डॉट गेंदें डालकर दबाव बनाना जरूरी था, लेकिन विपक्षी टीम ने नियमित अंतराल पर चौके लगाकर दबाव को कम किया।’’ उन्होंने कहा कि टीम को नियमित कप्तान हार्दिक पंड्या की कमी भी खली।चाहर ने कहा, ‘‘वह अस्वस्थ होने के कारण नहीं खेल सके। उम्मीद है कि अगले मैच में उनकी वापसी होगी।’’ चाहर ने कहा कि किसी मैच में विकेट लेने के लिए जोखिम भरी गेंदबाजी करनी होती है। उन्होंने कहा, ‘‘बल्लेबाज को अगर आउट करना हो तो गेंद को स्टंप के पास डालना महत्वपूर्ण होता है। वहीं, जब विकेट धीमा हो तो अधिक जोखिम वाली गेंद देना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे समय में गेंदबाजों को डॉट बॉल डालकर बल्लेबाज पर दबाव बनाना पड़ता है। लगातार डॉट बॉल डालने से विपक्षी टीम की रन गति धीमी होती है और गलती करने की संभावना बढ़ जाती है।’’ भाषा आनन्द मोनामोना