अफ्रीकियों के सामने ढेर हुए भारतीय शेर, सीरीज 3-0 से गंवाया, डीकॉक ने खेली शानदार शतकीय पारी

सीरीज 3-0 से गंवाया, डीकॉक ने खेली शानदार शतकीय पारी! DeKock's century as South Africa beat India to make series clean sweep

  •  
  • Publish Date - January 23, 2022 / 10:46 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:07 PM IST

केपटाउन: South Africa beat India दक्षिण अफ्रीका ने विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक के शतक के बाद गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से रविवार को यहां तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत को चार रन से हराकर श्रृंखला 3-0 से क्लीन स्वीप की। बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद दक्षिण अफ्रीका की पारी 49.5 ओवर में 287 रन पर सिमट गयी। उसके लिये फॉर्म में चल रहे ‘मैन आफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ डिकॉक ने 124 रन (12 चौके और दो छक्के) की शानदार शतकीय पारी जबकि रासी वान डर डुसेन (चार चौके और एक छक्का) ने 52 रन की पारी खेली। इस लक्ष्य के जवाब में भारतीय टीम रोमांचक मुकाबले में दीपक चाहर की अंत में खेली गयी 54 रन (34 गेंद में पांच चौके और दो छक्के) की पारी से जीतने के करीब पहुंचने के बाद 49.2 ओवर में 283 रन पर सिमट गयी और उसकी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ क्लीन स्वीप से बचने की उम्मीद टूट गयी।

Read More: सीएम शिवराज ने किया ROB ब्रिज का लोकार्पण, कहा- रोजाना 3 लाख लोगों को होगा फायदा

South Africa beat India दीपक चाहर ने दबाव की परिस्थितियों के बावजूद जबरदस्त जज्बा दिखाया। पर उनकी, सलामी बल्लेबाज शिखर धवन की 61 और पूर्व कप्तान विराट कोहली की 65 रन की अर्धशतकीय पारियां भी टीम के काम नहीं आ सकीं। भारतीय कप्तान केएल राहुल का बल्ला इस मैच में नहीं चला और वह पांचवें ओवर में लुंगी एनगिडी (58 रन देकर तीन विकेट) की पहली गेंद पर पर बल्ला छुआकर पहली स्लिप में खड़े जानेमन मलान को कैच दे बैठे। राहुल का विकेट गिरने के बाद धवन और कोहली ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों का डटकर सामना किया और उन्हें खुद पर हावी नहीं होने दिया। धवन और कोहली ने दूसरे विकेट के लिये अर्धशतकीय साझेदारी बना ली थी और इसे मजबूत करने की ओर बढ़ रहे थे। धवन ने 17वें ओवर में 58 गेंद में पांच चौके और एक छक्के से 35वां अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही अगले ओवर में टीम ने 100 रन भी पूरे किये। केशव महाराज लगातार कसी गेंदबाजी कर रहे थे। पर दोनों ने उम्मीदों के अनुरूप रन जोड़ना जारी रखा।

Read More: ‘घुटन महसूस हो रही थी भाजपा में’, दिलीप सिंह जूदेव के साथ पार्टी में सक्रिय रहे भाजपा नेता ने थामा कांग्रेस का हाथ

धवन (73 गेंद में पांच चौके और एक छक्का) एंडिले फेलुकवायो (40 रन देकर तीन विकेट) की गेंद को हुक करने के प्रयास में ऊंचा खेल बैठे और विकेटकीपर डिकॉक ने आसान कैच लेकर उनकी पारी और दूसरे विकेट की 98 रन की साझेदारी समाप्त की। इसी ओवर में टीम ने विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत का विकेट गंवा दिया जो खाता भी नहीं खोल सके। पंत से कोहली के साथ अच्छी भागीदारी की उम्मीद थी। पर वह गलत समय पर ऐसा शॉट खेले बैठे जिसके उस समय खेलने की जरूरत नहीं थी और डीप प्वाइंट पर सिसांडा मगाला ने उनका कैच लपका। फेलुकवायो ने 23वें और अपने इस दूसरे ओवर में दो विकेट झटक लिये। इससे भारतीय टीम दबाव में आ गयी। अब जिम्मेदारी कोहली और श्रेयस अय्यर (26 रन) पर थी। फिर कोहली ने अपना 64वां वनडे अर्धशतक 63 गेंद में चार चौके की मदद से पूरा किया। भारतीय टीम का स्कोर 30 ओवर के बाद तीन विकेट पर 152 रन था।

Read More: पीएम आवास के नाम पर कांग्रेसी पार्षद के कथित घूस लेने के मामले में नेता प्रतिपक्ष ने साधा निशाना, दी आंदोलन की चेतवानी

केशव महाराज ने किफायती गेंदबाजी करना जारी रखा, उन्होंने अपने अंतिम ओवर में भारत को चौथा झटका कोहली के रूप में दिया। 32वें ओवर में कोहली उनकी गेंद के टर्न और उछाल को समझ नहीं सके और गेंद उनके बल्ले का किनारा छूकर बावुमा के हाथों में गयी जो कवर प्वाइंट से भाग कर इसे लपकने दौड़े। सूर्यकुमार यादव (39 रन) अब क्रीज पर थे और उन्होंने आते ही ऐडन मार्कराम पर छक्का जड़ा। पर अगले ओवर में वह भाग्यशाली रहे कि गेंद करीब से स्टंप से चूक गयी।  अय्यर और सूर्यकुमार ने पांचवें विकेट के लिये 39 रन जोड़ लिये थे लेकिन यह साझेदारी आगे नहीं बढ़ सकी। अय्यर (34 गेंद में दो चौके) 38वें ओवर में सिसांडा मगाला की गेंद पर पुल शॉट लगाने के प्रयास में आउट हो गये। अब टीम का स्कोर पांच विकेट पर 195 रन था। टीम ने इसी ओवर में 200 रन पूरे किये। सूर्यकुमार तेजी से रन जुटा रहे थे और 40वें ओवर में ड्वेन प्रिटोरियस की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में मिडऑफ पर बावुमा को कैच दे बैठे। भारत ने छठा विकेट 210 रन के स्कोर पर गंवाया।

Read More: ‘पिछले दो साल में 230 किसानों ने की खुदकुशी, जिसमें 60 प्रतिशत अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग से’: नेता प्रतिपक्ष कौशिक

जयंत यादव (02) छह गेंद ही खेल पाये थे और एनगिडी का शिकार बने। चाहर ने इसके बाद दबाव भरी परिस्थिति में बेहतरीन बल्लेबाजी की और जसप्रीत बुमराह के साथ आठवें विकेट के लिये 55 रन की भागीदारी की। पर भारत का दुर्भाग्य कि वह 48वें ओवर में एनगिडी की गेंद का शिकार हो गये। भारत ने इस तरह आठवां विकेट 278 रन पर गंवाया। टीम आराम से जीत सकती थी। उसे अंतिम दो ओवर में जीत के लिये आठ रन चाहिए थे। लेकिन बुमराह (12) के आउट होने के बाद युजवेंद्र चहल (02) और प्रसिद्ध कृष्णा टीम को जीत तक नहीं ले जा सके। टीम 49.2 ओवर में सिमट गयी। इससे पहले डिकॉक ने 130 गेंद में 124 रन की पारी खेली और वान डर डुसेन के साथ चौथे विकेट के लिये 144 रन की भागीदारी निभायी। इसके बाद भारत ने इन दोनों के लगातार विकेट झटक कर घरेलू टीम की रन गति पर लगाम कसी। अपने छठे वनडे शतक से डिकॉक ने भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी एबी डिविलियर्स के रिकॉर्ड की भी बराबरी की।

Read More: एक दिवसीय प्रवास पर रायपुर पहुंचे DG CRPF और NIA कुलदीप सिंह, नक्सल मुद्दे पर हुई अहम चर्चा

कप्तान लोकेश राहुल का पहले गेंदबाजी करने का फैसला कारगर रहा क्योंकि दक्षिण अफ्रीका ने आठ रन ही बनाये थे कि दीपक चाहर (53 रन देकर दो विकेट) ने सलामी बल्लेबाज जानेमन मलान (01) को तीसरे ओवर की पहली गेंद पर विकेटकीपर के हाथों कैच आउट कराया। भारतीयों के लिये यह बड़ा विकेट था क्योंकि मलान ने पार्ल में दूसरे वनडे में 91 रन की शानदार पारी खेली थी जिसमें जीत से दक्षिण अफ्रीका ने श्रृंखला अपने नाम कर ली थी। इसका श्रेय चाहर को जाना चाहिए जिनकी अंदर की ओर कोण लेती फुल लेंथ गेंद को मलान समझ नहीं सके और विकेट गंवा बैठे।  भारतीय कप्तान राहुल के मिडऑफ से फेंके गये सीधे थ्रो से फॉर्म में चल रहे दक्षिण अफ्रीकी कप्तान तेम्बा बावुमा की आठ रन की पारी खत्म हुई जो समय पर नान-स्ट्राइकर छोर पर पहुंचने में असफल रहे।

Read More: ‘5 सालों में रोजगार के 12 से 15 लाख नए अवसर’, सीएम भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई मिशन की पहली बैठक

यह भी भारत के लिये बड़ा ब्रेक था क्योंकि दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ने शुरूआती वनडे में शतक जड़ा था और दूसरे मैच में भी अच्छा योगदान दिया था। पॉवरप्ले में दो विकेट हासिल करने के बाद भारत सही दिशा में बढ़ रहा था जब ऐडन मार्कराम ने डीप स्क्वायर लेग क्षेत्र में पुल शॉट खेलने का प्रयास किया लेकिन स्थानापन्न क्षेत्ररक्षक रुतुराज गायकवाड़ को कैच दे बैठे और इस तरह 13वें ओवर में मेजबान टीम का स्कोर तीन विकेट पर 70 रन हो गया। डिकॉक और वान डर डुसेन ने हालांकि इन झटकों के बावजूद अच्छी साझेदारी निभायी जिसमें उन्होंने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण से निपटने के लिये आक्रामकता के साथ पूरी सतर्कता बरती। डिकॉक दो चौकों के साथ 90 रन तक पहुंचे और फिर उन्होंने प्रसिद्ध कृष्णा (59 रन देकर तीन विकेट) के सिर के ऊपर सीधा छक्का जड़ दिया। उन्होंने शतक पूरा करने के लिये समय लिया और थोड़ी देर तक 99 रन पर ही अटके रहे। उन्होंने श्रेयस अय्यर पर दो रन लेकर शतक पूरा किया। वान डर डुसेन ने युजवेंद्र चहल पर मिडविकेट पर चौका लगाया। इन दोनों ने विकेट के चारों ओर अलग अलग तरह के स्ट्रोक्स लगाकर रन जुटाये। लेकिन जब ऐसा दिख रहा था कि दोनों अपनी टीम को भारत के खिलाफ बड़े स्कोर की ओर पहुंचा देंगे, तभी मेहमानों ने उनके विकेट झटक लिये। डिकॉक (12 चौके और दो छक्के) जसप्रीत बुमराह (52 रन देकर दो विकेट) की गेंद पर डीप स्क्वायर लेग में शिखर धवन को आसान कैच देकर पवेलियन पहुंचे। इसके बाद चहल ने वान डर डुसेन को डीप में अय्यर के हाथों कैच आउट कराया। इन दोनों के अलावा डेविड मिलर ने 39 रन और ड्वेन प्रिटोरियस ने 20 रन का योगदान दिया।

Read More: शख्स ने बेटी की शादी के लिए छपवाया अनोखा कार्ड, बनवाया राम मंदिर का स्ट्रक्चर…लिखवाया धन्यवाद मोदी जी!