एएफसी अंडर-17 महिला एशियाई कप में जापान की कड़ी चुनौती के लिए भारत तैयार

Ads

एएफसी अंडर-17 महिला एशियाई कप में जापान की कड़ी चुनौती के लिए भारत तैयार

  •  
  • Publish Date - May 4, 2026 / 06:19 PM IST,
    Updated On - May 4, 2026 / 06:19 PM IST

सुझोऊ (चीन), चार मई (भाषा) भारत को मंगलवार को एएफसी अंडर-17 महिला एशियाई कप 2026 फुटबॉल टूर्नामेंट में जापान की मजबूत टीम के रूप में कड़ी चुनौती का सामना करना होगा।

भारत अपनी शुरुआती हार से उबरकर टूर्नामेंट में वापसी की उम्मीद कर रहा है। भारतीय टीम ग्रुप बी के अपने पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया से 0-2 से हार गई थी। अब वे ऐसी स्थिति में हैं जहां हर गोल मायने रखेगा, विशेषेकर तब जब जापान ने लेबनान को 13-0 से हराकर तीन अंक हासिल कर लिए हैं।

महिला फुटबॉल की तकनीकी रूप से सबसे बेहतरीन टीम में से एक है जापान इस मुकाबले में अपना शानदार इतिहास लेकर उतर रहा है। उसने एएफसी अंडर-17 महिला एशियाई कप के नौ टूर्नामेंट में सात बार फाइनल में जगह बनाई है और चार बार खिताब जीता है।

इस एशियाई दिग्गज टीम ने 2014 में फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप का खिताब जीतकर वैश्विक स्तर पर भी अपना दबदबा साबित किया था।

जापान को इस मुकाबले में जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है लेकिन फिर भी भारत का मनोबल कम नहीं हुआ है। मुख्य कोच पामेला कोंटी ने जोर देकर कहा है कि उनकी खिलाड़ी पूरी तरह से स्पष्ट और एकाग्र मानसिकता के साथ मैदान पर उतरेंगी।

कोंटी ने कहा, ‘‘हमने अभी-अभी अपना अभ्यास सत्र खत्म किया है और हम काफी उत्साहित हैं क्योंकि हम दुनिया की सबसे मजबूत टीम में से एक के खिलाफ खेलने जा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एक कोच के तौर पर मेरा और खिलाड़ियों का भी यही मानना ​​है कि अगर हमें जीतना है तो हमें एक बेहतरीन मैच खेलना होगा। लेकिन उससे भी बढ़कर वहां मौजूद रहना, उस अनुभव को जीना और खेल का आनंद लेना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। मैं निश्चित रूप से इसका आनंद लूंगी।’’

भारत ने इस टूर्नामेंट के लिए ठोस तैयारी की है जिसमें तीन महीने से अधिक का कड़ा अभ्यास शामिल है। इस दौरान टीम ने म्यांमार और रूस का दौरा करके भी अनुभव हासिल किया। रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के खिलाफ कड़े मुकाबलों ने टीम को कई महत्वपूर्ण सबक सिखाए हैं और अब टीम का पूरा ध्यान जापान की गति और तकनीकी सटीकता का मुकाबला करने पर केंद्रित है।

कोंटी ने कहा, ‘‘अभ्यास सत्र के दौरान खिलाड़ियों को दिया गया संदेश बिल्कुल स्पष्ट रहा है। हम सिर्फ डिफेंस करके नहीं खेल सकते। अगर हम उन्हें बिना किसी दबाव के गेंद पर नियंत्रण रखने देंगे तो उनके लिए चीजें बहुत आसान हो जाएंगी।’’

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द