जूडो भारत के लिए प्राथमिकता वाला खेल: रीजीजू

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जूडो भारत के लिए प्राथमिकता वाला खेल: रीजीजू

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  • Publish Date - October 19, 2020 / 03:29 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:50 PM IST

नयी दिल्ली, 19 अक्टूबर (भाषा) जूडो को भारत का प्राथमिकमा वाला खेल करार देते हुए केन्द्रीय खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने सोमवार को कहा कि उनका मंत्रालय अगले साल के तोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने के कोशिश में लगे जुडोकाओं को हर तरह की सहायता प्रदान करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

रीजीजू ने कहा कि सरकार 2024 और 2028 के ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत प्रतिभा पूल बनाने के लिए इस खेल की राष्ट्रीय महासंघ के साथ मिलकर काम कर रही है।

मंत्री ने 23 से 25 अक्टूबर तक बुडापेस्ट में होने वाले ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिता के लिए हंगरी रवाना होने से पहले भारतीय टीम से अपने आवास पर मुलाकात के दौरान यह बात कही। इस ओलंपिक क्वालीफाइंग स्पर्धा के लिए रवाना हो रहे दल में पांच जूडोका और कोच जीवन शर्मा शामिल है।

रीजीजू ने कहा, ‘‘टीम आज हंगरी के लिए रवाना हो रही है और मुझे उम्मीद है कि कुछ एथलीट ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करेंगे। जूडो हमारे लिए एक प्राथमिकता वाला खेल है और हम प्रशिक्षण सुविधाओं और कोचों के मामले में क्षमता बढ़ाएंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ इसके पीछे 2024 और 2028 के ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा कर सकने वाले युवा एथलीटों के प्रतिभा पूल का निर्माण करने के साथ अनुभवी एथलीटों को पूर्ण समर्थन देने की सोच । हम आगे की योजना के लिए महासंघ के साथ विस्तृत खाका तैयार करने पर चर्चा करेंगे। ’’

कोविड-19 के कारण लागू लॉकडाउन के बाद भारतीय जूडोकाओं के लिए यह पहला टूर्नामेंट है।

भारतीय दल में जसलीन सिंह, सुशीला देवी, तुलिका मान, अवतार सिंह और विजय यादव शामिल हैं। इस प्रतियोगिता में 81 देशों के 645 खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे।

भाषा

आनन्द पंत

पंत