नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने सोमवार को विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि वे इस सफलता की लय को बनाए रखें।
अमेरिका के यूजीन में आयोजित इस चैंपियनशिप में भारत ने दो रजत और एक कांस्य सहित कुल तीन पदक जीते। इसके साथ ही भारत ने 2021 और 2022 चरणों के अपने सर्वश्रेष्ठ तीन पदकों के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
साल 2016 में विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में भाला फेंक का स्वर्ण पदक जीतने और 86.48 मीटर के अब तक कायम विश्व जूनियर रिकॉर्ड बनाने वाले नीरज ने कहा कि पदक जीतने के अलावा युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का महत्वपूर्ण अनुभव भी मिला है।
नीरज ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले पूरे भारतीय दल को बधाई। आप सभी ने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और सिर्फ पदक ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अहम अनुभव भी हासिल किया। इस लय को बनाए रखें। ’’
ऊंची कूद के खिलाड़ी बसंत कुमार मेघवाल ने रजत और लंबी कूद के खिलाड़ी शहनवाज खान ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। दोनों अपने-अपने स्पर्धाओं में विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।
नीरज ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘‘बसंत कुमार मेघवाल और शहनवाज खान के लिए यह कई उपलब्धियों की शुरुआत है। उन्होंने क्रमशः पुरुष ऊंची कूद और लंबी कूद में रजत और कांस्य पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों और पर्दे के पीछे उनकी प्रतिभा को निखारने वाली पूरी टीम को बधाई। ’’
भारत के लिए पदकों का खाता आशीष यादव ने पुरुष भाला फेंक में रजत पदक जीतकर खोला था। भाला फेंक खिलाड़ी होने के नाते नीरज ने उनकी उपलब्धि पर भी खुशी जताई।
उन्होंने लिखा, ‘‘भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते और पदक जीतते देखना हमेशा गर्व की बात होती है। भाला फेंक खिलाड़ी होने के कारण यह उपलब्धि मेरे लिए और भी खास है। आशीष, विश्व अंडर-20 चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने पर मुझे तुम पर बेहद गर्व है। यह तो सिर्फ शुरुआत है। ’’
विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में लगातार बेहतर हुआ है। 2002 से 2018 के बीच भारत ने कुल चार पदक जीते थे जिनमें 2016 में नीरज चोपड़ा का पुरुष भाला फेंक में स्वर्ण और 2018 में हिमा दास का महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक शामिल है।
भारत का पहला पदक 2002 में जमैका में आयोजित प्रतियोगिता में चक्का फेंक खिलाड़ी सीमा अंतिल ने रजत जीतकर दिलाया था। इसके बाद 2014 में अमेरिका में नवजीत कौर ढिल्लों ने इसी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।
2021 के चरण में अमित (पुरुष 10,000 मीटर पैदल चाल) और शैली सिंह (महिला लंबी कूद) ने रजत पदक जीते थे जबकि मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने कांस्य पदक हासिल किया था।
2022 में सेल्वा प्रभु तिरुमारन (पुरुष त्रिकूद) और मिश्रित चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने रजत पदक जीते जबकि रूपल चौधरी ने महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक अपने नाम किया।
2024 के चरण में भारत को एकमात्र पदक आरती ने महिलाओं की 10,000 मीटर पैदल चाल में कांस्य पदक जीतकर दिलाया था।
भाषा नमिता आनन्द
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