एमपीएल में सर्वाधिक विकेट लेकर ‘पर्पल कैप’ विजेता बने मंडल

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एमपीएल में सर्वाधिक विकेट लेकर ‘पर्पल कैप’ विजेता बने मंडल

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  • Publish Date - June 30, 2026 / 04:07 PM IST,
    Updated On - June 30, 2026 / 04:07 PM IST

(हर्षवर्धन प्रकाश)

इंदौर, 30 जून (भाषा) टी20 क्रिकेट की मध्यप्रदेश लीग (एमपीएल) की नीलामी में तीन महीने पहले जब तेज गेंदबाज पारुष मंडल के नाम पर कुछ देर तक कोई बोली नहीं लगी, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह 23 वर्षीय खिलाड़ी बाद में टूर्नामेंट का सबसे सफल गेंदबाज बनेगा।

एमपीएल का तीसरा और अब तक का सबसे बड़ा संस्करण तीन जून से 26 जून तक इंदौर में खेला गया जिसके पुरुष वर्ग में 10 टीमों के बीच भिड़ंत हुई। चंबल घड़ियाल्स ने रॉयल निमाड़ ईगल्स को 31 रन से हराकर खिताब जीता।

उपविजेता रॉयल निमाड़ ईगल्स के गेंदबाजी आक्रमण को धार देते हुए मंडल ने एमपीएल के 10 मैचों में सर्वाधिक 21 विकेट लिए।

उन्होंने कहा कि 31 मार्च को संपन्न नीलामी प्रक्रिया के कुछ पल उनके लिए खुद को साबित करने की सबसे बड़ी प्रेरणा बन गए।

मंडल ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया,‘‘नीलामी के दौरान कई कम अनुभवी खिलाड़ियों पर ऊंची बोलियां लगीं, जबकि मेरे नाम की घोषणा के बाद कुछ देर तक किसी भी फ्रेंचाइजी ने मुझमें रुचि नहीं दिखाई। उस समय लगा कि शायद मुझे कम आंका जा रहा है।’

उन्होंने बताया कि अंततः रॉयल निमाड़ ईगल्स ने उन्हें एक लाख रुपये में खरीदा।

मंडल के मुताबिक नीलामी का वह अनुभव उनके भीतर अतिरिक्त ऊर्जा और चुनौतियों से निपटने की भावना लेकर आया।

उन्होंने कहा, ‘ मैंने ठान लिया कि अब मैं मैदान पर प्रदर्शन से जवाब दूंगा। पूरे टूर्नामेंट में यही बात मेरे दिमाग में रही।’

मंडल ने एमपीएल में सर्वाधिक 21 विकेट लेकर ‘पर्पल कैप’ जीती और रॉयल निमाड़ ईगल्स के फाइनल तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई।

हालांकि, तेज गेंदबाज बनने की उनकी कहानी दिलचस्प है।

मंडल ने बताया कि खेल के शुरुआती दिनों में वह बल्लेबाज बनना चाहते थे, लेकिन एक बार अभ्यास सत्र में अपनी क्रिकेट किट लाना भूल गए।

उनके मुताबिक उस दिन कोच ने उन्हें गेंद फेंकने के लिए कहा और उनकी गेंदबाजी प्रतिभा पहचानी गई। इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी को ही अपना मुख्य कौशल बना लिया।

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड को अपना आदर्श मानने वाले मंडल ने बताया कि वह 140 किलोमीटर प्रति घंटे के आस-पास की रफ्तार से गेंदबाजी का प्रयास करते हैं।

मंडल ने कहा कि एमपीएल के पिछले दो सत्रों में वह कलाई और टखने की चोटों से परेशान रहे, लेकिन हाल ही में संपन्न तीसरा सत्र उनके लिए बड़ी कामयाबी लेकर आया।

मध्यप्रदेश के लिए अलग-अलग आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में खेल चुके युवा गेंदबाज ने कहा,‘‘अब मेरा लक्ष्य इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में जगह बनाकर खुद को बड़े मंच पर साबित करना है।’’

भाषा

हर्ष रवि कांत